हम सब जैसे अपने चेहरे को चमकता हुआ देखना पसंद करते हैं वैसे ही चाहते हैं कि हमारे दांत (Teeth) भी मोती की तरह सफ़ेद चमकें।
दातों में अगर करते हैं ब्लीच का इस्तेमाल तो हो जाएं तुरन्त सावधान!

Lucknow. हम सब जैसे अपने चेहरे को चमकता हुआ देखना पसंद करते हैं वैसे ही चाहते हैं कि हमारे दांत (Teeth) भी मोती की तरह सफ़ेद चमकें। जब हम मुस्कुराएं (Smile)  तो सामने वाला उसे देखकर उसकी तारीफ करे। ऐसे में लोग अपने दांतों को चमकाने के लिए कई तरह के अलग-अलग टूथपेस्ट (Toothpaste) और प्रोडक्ट्स (Products) का इस्तेमाल करते हैं। इन सबसे दांत साफ तो हो जाते हैं, मगर इनमें मौजूद केमिकल (Chemical) से दांतों को नुक़सान (Tooth Loss) अधिक पहुंचता है।

हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, ऐसे उत्पादों से बचना चाहिए क्योंकि इनमें ब्लीच पाउडर (Bleach Powder) मिलाया जाता है। ब्लीच पाउडर दांतों को चमकाता जरूर है, लेकिन इसकी अधिक मात्रा दांतों की सुंदरता को धीमे-धीमे खत्म कर देती है। ब्लीच के इस्तेमाल से दांत के दाग धब्बे (Stain Spots) दूर किए जाते हैं, लेकिन इसके अधिक यूज करने से दांत सेंसिटिव (Sensitive) और कमजोर (weak) हो जाते हैं। 

बता दें कि ब्लीच (Bleach) में हाइड्रोजन पेराक्साइड (Hydrogen Peroxide) होता है, जिससे मसूड़ों पर जलन होने लगती है। इसलिए इसका अधिक इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। इसका ज्यादा उपयोग करने से मसूड़ों में जलन या घाव की समस्या लंबे समय तक बने रहना नुकसानदायक हो सकता है।

नीम का उपयोग हर प्रकार से लाभदायक होता है। नीम (Neem) के दातून से दांतों को भी साफ किया जाए तो दांत का पीलापन दूर हो जाएगा। साथ ही इससे दांत मजबूत होते हैं और मसूड़े भी मजबूत रहते हैं। वहीं, पीपल का दातून करने से दांत चमकने के साथ-साथ मसूड़े भी मजबूत होते हैं। इसके अलावा दांतों में कीड़े भी नहीं लगते हैं। गांवों में भी अधिकतर लोग पीपल के दातून का इस्तेमाल करते हैं, इसलिए उन्हें दांतों से संबंधित समयाएं कम होती हैं।

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