बड़ा दलित चेहरा माने जाने वाले मांझी की भरपाई की तैयारी आरजेडी ने शुरू कर दी है। पार्टी ने मांझी के विकल्प के तौर पर अब दलित नेताओं की फौज खड़ी कर दी है।
मांझी के जाने से नहीं पड़ेगा कोई फर्क! तेजस्वी ने बनाया ये मास्टरप्लान

Patna. बिहार में विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election) से पहले नेताओं के पाला बदलने का सिलसिला जारी है। श्याम रजक (Shyam Rajak) के आरजेडी (RJD) में शामिल होने के बाद अब जीतन राम मांझी (Jitan Ram Manjhi) ने विपक्षी महागठबंधन से किनारा कर लिया है। वहीं, प्रदेश में एक बड़ा दलित चेहरा माने जाने वाले मांझी की भरपाई की तैयारी आरजेडी ने शुरू कर दी है। पार्टी ने मांझी के विकल्प के तौर पर अब दलित नेताओं की फौज खड़ी कर दी है।

बता दें कि महागठबंधन का हिस्सा रहे हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (Hindustani Avam Morcha) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतनराम मांझी (Jitan Ram Manjhi) काफी समय से समन्वय समिति के गठन की मांग कर रहे थे। लेकिन उनकी मांग पर कोई फैसला न लिए जाने के बाद जीतनराम मांझी ने महागठबंधन से अलग होने का फैसला किया है। वहीं, मांझी के जेडीयू (JDU) से हाथ मिलाने की अटकलें लगायीं जा रही हैं।

डैमेज कंट्रोल में जुटी आरजेडी

बिहार में जीतनराम मांझी (Jitan Ram Manjhi) एक बड़े दलित नेता (Dalit Leader) की हैसियत रखते हैं। ऐसे में चुनाव से पहले महागठबंधन के लिए यह बड़ा झटका माना जा रहा है। वहीं, मांझी के अलग होने फैसले के बाद आरजेडी (RJD) ने अपने दलित नेताओं की फौज खड़ी करके सत्ता पक्ष को यह संदेश देने की कोशिश की है कि मांझी के जाने से महागठबंधन को कोई फर्क नहीं पड़ता। 

गुरुवार को आरजेडी ने श्याम रजक, उदय नारायण चौधरी, रमई राम समेत अन्य तीन दलित दिग्गज नेताओं के जरिए प्रेस कॉन्फ्रेंस करायी। श्याम रजक, उदय नारायण चौधरी और रमई राम बिहार में दलित राजनीति का चेहरा माने जाते हैं। इसमें सबसे दिलचस्प बात यह है कि एक समय जेडीयू इन्हीं तीनों नेताओं के जरिए प्रदेश के दलित वोट साधने में सफल रही थी। लेकिन अब ये तीनों आरजेडी के खेमे का हिस्सा बन चुके हैं।

जेडीयू से हाथ मिलाने को तैयार मांझी!

एलजेपी (LJP) के साथ तनातनी और श्याम रजक (Shyam Rajak) के आरजेडी (RJD) में शामिल होने के बाद नीतीश कुमार (Nitish Kumar) और एनडीए (NDA) को दलित वोट बैंक (Dalit Vote Bank) के बिखराव का डर सताने लगा है। वहीं, अब डैमेज कंट्रोल के तौर पर महागठबंधन में नाराज चल रहे जीतनराम मांझी (Jitan Ram Manjhi) को एनडीए (NDA) में शामिल कराने की कोशिशें तेज हो गयी हैं। जीतनराम मांझी प्रदेश में एक बड़ा दलित चेहरा हैं और सीएम भी रह चुके हैं। बताया जा रहा है कि जेडीयू मांझी की पार्टी का अपने में विलय कराना चाहती थी, लेकिन बात न बनने पर मांझी की पार्टी को कुछ सीटें दिए जाने पर विचार किया जा रहा है। हालांकि अभी तक मांझी की पार्टी ने इस बारे में कोई बयान जारी नहीं किया है।

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