महागठबंधन को लगेगा एक और झटका, मांझी के बाद ये दिग्गज तोड़ेंगे नाता
महागठबंधन को लगेगा एक और झटका, मांझी के बाद ये दिग्गज तोड़ेंगे नाता

Patna. बिहार (Bihar) में आगामी विधानसभा चुनाव (Assembly Election) से पहले प्रदेश का सियासी समीकरण तेजी बदल रहा है। प्रदेश में नेता एक दल से दूसरे दल में पाला बदल रहे हैं। इसी कड़ी में विपक्षी महागठबंधन को एक बड़ा झटका लगने वाला है। जीतनराम मांझी (Jitan Ram Manjhi) के बाद अब एक और नेता पाला बदलने की तैयारी में है।

सूत्रों की माने तो एक समय नीतीश कुमार (Nitish Kumar) बेहद करीबी रहे शरद यादव (Sharad Yadav) की फिर से जेडीयू (JDU) में वापसी की अटकलें लग रही हैं। जेडीयू के कई नेता शरद यादव के संपर्क में हैं और जेडीयू प्रवक्ता राजीव रंजन ने भी उनकी वापसी के संकेत दिए हैं। उन्होंने यह दावा किया कि महागठबंधन में शरद यादव का दम घुंटता है और अगर ऐसी स्थिति में वो कोई फैसला लेते हैं तो इससे हैरान होने की जरूरत नहीं है।

रंजन ने कहा कि शरद यादव समाजवादी आंदोलन के बड़े नेता हैं, लेकिन उनकी पार्टी में वापसी हो रही है। हालांकि रंजन ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि से इनकार किया है। इससे पहले काफी लंबे समय से नाराज चल रहे जीतनराम मांझी ने महागठबंधन से नाता तोड़ लिया था। वहीं, अब मांझी के जेडीयू से हाथ मिलाने को लेकर अटकलें लगायीं जा रही है। 

2018 में जेडीयू से अलग हुए थे शरद यादव

गौरतलब है कि नीतीश कुमार के आरजेडी और महागठबंधन से नाता तोड़ने के बाद शरद यादव बगावत पर उतर आए थे। वह लगातार नीतीश के फैसले का विरोध करते रहे और जेडीयू से नाता तोड़ लिया था। जेडीयू से नाता तोड़ने के बाद शरद यादव ने लोकतांत्रिक जनता दल नाम से अपनी एक अलग पार्टी बना ली थी। शरद यादव के साथ अली अनवर और कई बड़े नेताओं ने जेडीयू छोड़ दी थी।

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