आरएलएसपी अध्यक्ष (RLSP Chief) उपेंद्र कुशवाहा (Upendra Kushwaha) भी अब महागठबंधन से अलग होने का विचार कर रहे हैं। वहीं, उपेंद्र कुशवाहा ने गुरुवार को आपात बैठक बुलाई है। जिसमें वह कोई बड़ा फैसला ले सकते हैं।
मांझी के बाद उपेंद्र कुशवाहा महागठबंधन में नाखुश, आरजेडी बोली- जाना है तो चले जाएं

Patna. बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election) से विपक्षी महागठबंधन में घमासान जारी है। जीतनराम मांझी (Jitanram Manjhi) के बाद अब आरएलएसपी अध्यक्ष (RLSP Chief) उपेंद्र कुशवाहा (Upendra Kushwaha) नाखुश नजर आ रहे हैं।  वह भी अब महागठबंधन से अलग होने का विचार कर रहे हैं। वहीं, उपेंद्र कुशवाहा ने गुरुवार को आपात बैठक बुलाई है। जिसमें वह कोई बड़ा फैसला ले सकते हैं।   

दरअसल, आरएलएसपी अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा महागठबंधन में सीटों के बंटवारे (Seat Sharing) में हो रही देरी को लेकर नाराज हैं। सीटों के सम्‍मानजनक बंटवारे को लेकर वे कांग्रेस आलाकमान से लेकर आरजेडी नेता तेजस्वी यादव (Tejaswi Yadav) तक से मुलाकात कर चुके हैं, और वह  आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव को पत्र भी लिख चुके हैं, लेकिन कोई फैसला नहीं हो सका है। इसके आलावा आरएलएसपी ने महागठबंधन (Grand Alliance) के सीएम चेहरा (CM Face) के रूप में उपेंद्र कुशवाहा का नाम सामने रखा है, जिससे आरजेडी (RJD) को इनकार है। 

आरएलएससपी के प्रधान महासचिव आनंद माधव कहते हैं कि अभी तक सीटों को लेकर आश्वासन तक नहीं मिला है। ऐसी स्थिति में आरएलएसपी अपना फैसला लेने के लिए स्वतंत्र है। अगर आरएलएससपी महागठबंधन से अलग कोई विकल्प तलाश करती है तो इसके लिए आरजेडी और कांग्रेस जिम्‍मेदार होंगे। वहीं, आरजेडी प्रवक्ता मृत्‍यंजय तिवारी ने इस पर कहा है कि दबाव की राजनीति तो बर्दाश्‍त नहीं की जा सकती है। आरजेडी की नीति और नीयत में कोई अस्‍पष्‍टता नहीं है। अपना फैसला लेने के लिए सभी स्‍वतंत्र हैं।

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