विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (University Grants Commission) द्वारा 30 अप्रैल 2020 को जारी दिशा-निदर्शों (guidelines) के अनुसार विश्वविद्यालयों की लंबित वार्षिक एवं सेमेस्टर परीक्षाएं (Annual and semester examinations) जुलाई और अगस्त के बीच आयोजित किये जा सकते हैं।
Colleges Re-opening 2020: लॉकडाउन के बाद कॉलेजों में क्लासेस शुरु करने को लेकर यूजीसी ने जारी किये दिशा-निर्देश

New Delhi. कोरोना वायरस (Coronavirus) और लॉकडाउन (Lockdown) के कारण सभी स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए गए थे। इस दौरान बाधित हुए शैक्षणिक कार्यों (Academic tasks) से नए सेशन (New session) और दाखिले (Admissions) की प्रक्रियाओं को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। जिसे सुलझाने के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (University Grants Commission) ने विश्वविद्यालयों में नए सत्र के लिए कैलेंडर और दिशा-निर्देश (guidelines) अप्रैल अंत में ही जारी कर दिए थे।

नए कैलेंडर (New calendar) के मुताबिक, वर्तमान छात्रों के लिए एक अगस्त से और दाखिला लेने वाले छात्रों के लिए एक सितंबर से सत्र ( Session) आरंभ किया जाएगा। साथ ही साथ कॉलेजों (Colleges) को नए दाखिलों की प्रक्रिया के लिए 1 अगस्त से 31 अगस्त, 2020 के बीच का समय दिया है।

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (University Grants Commission) द्वारा 30 अप्रैल, 2020 को जारी दिशा-निर्देशों (guidelines) के अनुसार, विश्वविद्यालयों की लंबित वार्षिक एवं सेमेस्टर परीक्षाएं (Annual and semester examinations) जुलाई और अगस्त के बीच आयोजित किए जा सकते हैं।

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (University Grants Commission) ने कहा कि विश्वविद्यालय एवं अन्य उच्च शिक्षण संस्थान (Universities and other higher educational institutions) अपनी लंबित वार्षिक एवं सेमेस्टर परीक्षाएं (Annual and semester examinations) को कम समय में पूरा करने के लिए वैकल्पिक एवं सरल माध्यम अपना सकते हैं।

जैसे कि परीक्षा का समय तीन घंटे से घटा कर दो घंटे किया जा सकता है। विभिन्न परीक्षाओं को ऑनलाइन आयोजित किया जा सकता है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग व वर्चुअल क्लासरूम (Video Conferencing and Virtual Classroom)के ज़रिए कक्षाओं का आयोजन किया जा सकता है।

इतना ही नहीं, ई-कंटेंट और ई-लैब (E-content and e-lab) प्रयोग को तैयार करने और वेबसाइट पर अपलोड करना और पाठ्यक्रम का 25 फीसदी ऑनलाइन शिक्षण (Online learning) द्वारा पूरा किया जाना शामिल हैं।

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