महागठबंधन में सीट शेयरिंग का फार्मूला तैयार, जाने किसके हिस्से में कितनी सीटें
महागठबंधन में सीट शेयरिंग का फार्मूला तैयार, जाने किसके हिस्से में कितनी सीटें

Patna. बिहार (Bihar) में आगामी विधानसभा चुनाव (Assembly Elections) के मद्देनजर राजनीतिक दलों (Political Parties) के बीच सीटों शेयरिंग को लेकर माथापच्ची जारी है। इसी कड़ी में विपक्षी महागठबंधन (Opposition Grand Alliance) में सीटों के बंटवारे को लेकर तस्वीर साफ होती दिखायी पड़ रही है। महागठबंधन में किस दल को कितनी सीट मिलेगी इस पर लगभग फैसला हो चुका है। वहीं, अब बस सीटों के बंटवारे को लेकर आधिकारिक तौर पर ऐलान बाकी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विपक्षी महागठबंधन के सबसे बड़े घटक दल आरजेडी (RJD) ने सीटों के बंटवारे के फार्मूले को लेकर सब कुछ फाइनल होने की बात कही है। आरजेडी के वरिष्ठ नेता भाई वीरेंद्र (Bhai Virendra) ने कहा कि महागठबंधन से सीट बंटवारे को लेकर सब कुछ तय हो गया है। उन्होंने कहा कि सीटों के बंटवारे को लेकर महागठबंधन में कोई परेशानी नहीं है और सभी घटक दल के नेता सीट शेयरिंग को लेकर खुश हैं। बहुत जल्द साझा प्रेस कांफ्रेंस कर सीट बंटवारे के फार्मूले की जानकारी दे दी जाएगी। 

सूत्रों की माने तो आरजेडी को 135-140, कांग्रेस को 45-50, आरएलएसपी को 23-25, सीपीआई माले को 12-15, वीआईपी को 8-10, सीपीआई को 3-5 और सीपीआई-एम को 2-3 सीटें मिल सकती हैं। हालांकि अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।

मांझी ने एनडीए में शामिल होने का किया ऐलान

विपक्षी महागठबंधन (Opposition Grand Alliance) से नाता तोड़ने वाले जीतनराम मांझी (Jitan Ram Manjhi) ने बुधवार को एनडीए में शामिल होने का ऐलान कर दिया है। जेडीयू (JDU) से गठबंधन का ऐलान करते हुए मांझी ने कहा कि आज एनडीए गठबंधन एक साथ हो रहा है। वह चुनाव में एनडीए के उम्मीदवारों को जिताने में पूरी ताकत लगा देंगे। आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव पर निशाना साधते हुए मांझी ने कहा कि वह लालू के चक्कर में आ गए थे इसलिए विपक्षी महागठबंधन में शामिल हुए। आरजेडी पूरी तरह से भ्रष्टाचार और घोटाले में डूबी पार्टी है। उन्होंने कहा कि पिछले कई महीनों से वह महागठबंधन में कोओर्डिनेशन कमेटी बनाने की बात कह रहे थे, लेकिन महीनों गुजरने के बाद भी उनकी बात नहीं सुनी गयी। जिसकी वजह से उन्हें यह फैसला लेना पड़ा।

एलजेपी (LJP) के साथ तनातनी और श्याम रजक (Shyam Rajak) के आरजेडी (RJD) में शामिल होने के बाद नीतीश कुमार (Nitish Kumar) और एनडीए (NDA) को दलित वोट बैंक (Dalit Vote Bank) के बिखराव का डर सताने लगा था। वहीं, अब डैमेज कंट्रोल के तौर पर नीतीश कुमार महागठबंधन में नाराज चल रहे जीतनराम मांझी (Jitan Ram Manjhi) को एनडीए (NDA) में शामिल कराने में सफल हुए हैं। जीतनराम मांझी (Jitan Ram Manjhi) बिहार के सीएम रह चुके और एक बड़े दलित नेता (Dalit Leader) की हैसियत भी रखते हैं। बताया जा रहा है कि जेडीयू मांझी की पार्टी का अपने में विलय कराना चाहती थी, लेकिन बात न बनने पर मांझी की पार्टी को कुछ सीटें दी जा सकती हैं।

पूरी स्टोरी पढ़िए