संजीत यादव हत्याकांड में पुलिस अभी तक शव बरामद नहीं कर सकी है। अब लावारिश शवों के डीएनए जांच से संजीत की बॉडी को पहचाना जाएगा।

kanpur. संजीत यादव हत्याकांड (Sanjeet Yadav Murder Case) में पुलिस अभी तक शव बरामद नहीं कर सकी है। अब लावारिश शवों के डीएनए (DNA) जांच से संजीत की बॉडी को पहचाना जाएगा। शनिवार दिनभर कानपुर और फतेहपुर पुलिस (Fatehpur Police) ने पांडु नदी में गोताखोर उतारे। बोट से पूरा इलाका छाना गया। इस दौरान आसपास मिले लावारिस शवों का ब्योरा भी निकाला जा रहा है। उनके कपड़े संजीत (Sanjeet) के स्वजन को दिखाए जाएंगे। हालांकि शनिवार को मिले एक शव की पहचान परिवार ने संजीत में रूप में नही की है।

आरोपितों के मुताबिक, 26 जून को संजीत (Sanjeet Yadav) की हत्या कर देर रात बोरी में भरकर शव पांडु नदी में फेंक दिया था। इसकी जानकारी के बाद से ही पुलिस नदी में सर्च ऑपरेशन (Search Opration) चला रही है। जल पुलिस (Police) और पीएसी (PAC) के गोताखोर भी लगाए गए हैं। माना जा रहा है कि बारिश और तेज बहाव की वजह से शव दूर बह गया होगा। इसी वजह से फतेहपुर पुलिस (Fatehpur Police) से भी सहयोग लिया गया है। सीओ गोविंद नगर विकास पांडेय (Vikas Pandey) के अनुसार टीम बनाकर नदी और आसपास मिले लावारिस शवों का ब्योरा निकलवाया जा रहा है। नदी के आसपास बसी बस्तियों में भी संपर्क किया जा रहा है। 

जरूरत होगी तो को लावारिस शवों के कपड़े और अवशेष के डीएनए (DNA) से संजीत के परिवारवालों के डीएनए का मिलान किया जाएगा। संजीत (Sanjeet Yadav) के शव की तलाश के लिए फतेहपुर से भी पीएसी (PAC) की मोटरबोट मंगाई गई है। शनिवार को दो मोटरबोट से उरियारा से पिपरगवां के बीच सर्च ऑपरेशन (Search Opration) चलाया गया। इससे पहले शुक्रवार को देर शाम तक फत्तेपुरगोही से उरियारा के बीच आठ किमी क्षेत्र में तकरीबन सौ बोरियों की जांच कराई गई थी, लेकिन सफलता नहीं मिली।

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