विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) पर गम्भीर आरोप लगाया है।
पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी ने नीतीश कुमार पर लगाए गम्भीर आरोप, कही ये बड़ी बात

Patna. बिहार (Bihar) में कोरोना वायरस (Corona Virus) और बाढ़ के बढ़ते कहर के बीच राजनीति (Politics) भी चरम पर पहुंच चुकी है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) पर गम्भीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार (Nitish Kumar) अपनी कुर्सी बचाने में लगे हैं, जबकि बिहार (Bihar) की जनता कोरोना और बाढ़ से मर रही है। अस्पतालों में इलाज नहीं हो रहे हैं, जिनका कोरोना टेस्ट नहीं हुआ है उनकी भी रिपोर्ट आ जा रही है, लेकिन जिनका टेस्ट हो गया है उनकी 20-20 दिन तक कोई रिपोर्ट ही नहीं आ रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नितीश कुमार कहां क्वारंटीन हैं, कुछ पता नहीं है। हमें तो उनकी रिपोर्ट पर भी सन्देह है।

बिहार में लोगों की जिंदगी भगवान भरोसे

तेजस्वी ने कहा कि नीतीश कुमार (Nitish Kumar) का पूरा प्रशासनिक अमला चुनाव प्रचार पर लगा हुआ है। लोगों की जिंदगी से उन्हें कोई मतलब ही नहीं है। बिहार (Bihar) में लोगों की जिंदगी भगवान भरोसे हैं। सरकार केवल कोरम पूर्ति के लिए है। उन्होंने कहा कि हम दो महीनों से सरकार को आगाह कर रहे थे, लेकिन सरकार ने एक भी नहीं सुनी है। उन्होंने कहा कि आज बिहार (Bihar) में ज्वालामुखी फूट पड़ा है और नितीश कुमार (Nitish Kumar) सीएम आवास में ही सो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि मैं सरकार से हाथ जोड़ कर विनती कर रहा हूं, यह वक्त चुनाव का नहीं लोगों की जिंदगी बचाने का है। सरकार को बताना चाहिए कि हॉस्पिटलों में कितने बेड हैं, कितने वेंटीलेटर हैं। तेजस्वी ने कहा कि बिहार सरकार (Bihar Government) ने जान-बूझ कर लॉकडाउन सही से नहीं लागू किया और न ही हॉस्पिटलों में ऑक्सीजन, बेड की व्यस्था की। उन्होंने कहा कि आज मरीजों की संख्या तेजी के साथ बढ़ रही है, फिर भी सरकार टेस्टिंग नहीं बढ़ा रही है। 

बिहार में कोरोना के मामले 26 हजार के पार

बता दें कि बिहार में कोरोना वायरस (Corona Virus) के मामले 26 हजार के पार पहुंच गए हैं। वहीं, प्रतिदिन 1400 से ज्यादा मरीज आ रहे हैं, लेकिन सरकार प्रतिदिन दस हजार के आस-पास ही टेस्टिंग कर रही है। बिहार (Bihar) में अभी तक मात्र तीन लाख 78 हजार ही टेस्ट किए गए हैं, जो अन्य राज्यों से काफी कम हैं।

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