प्रदेश की राजधानी लखनऊ के निराला नगर में सरस्वती कुंज परिसर स्थित प्रोफेसर राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) उच्च तकनीकी (डिजिटल) सूचना संवाद केंद्र में कानपुर प्रांत के झांसी और कन्नौज संभाग से आए 35 शिक्षकों को चौथे दिन भी प्रशिक्षण दिया गया।
ऑनलाइन शिक्षा आज की आवश्यकता: दिनेश जी

Lucknow. प्रदेश की राजधानी लखनऊ के निराला नगर में सरस्वती कुंज परिसर स्थित प्रोफेसर राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) उच्च तकनीकी (डिजिटल) सूचना संवाद केंद्र में कानपुर प्रांत के झांसी और कन्नौज संभाग से आए 35 शिक्षकों को चौथे दिन भी प्रशिक्षण दिया गया। बता दें कि यह ​​प्रशिक्षण कार्यक्रम 28 सितंबर से 02 अक्टूबर तक चलेगा। इस दौरान सभी शिक्षक निराला नगर स्थित सरस्वती कुंज परिसर में प्रवास कर रहे हैं।

प्रोफेसर राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) उच्च तकनीकी (डिजिटल) सूचना संवाद केंद्र में प्रशिक्षण के चौथे दिन यानि गुरुवार को कार्यक्रम की शुरुआत माँ सरस्वती वंदना के साथ हुई। इस दौरान विद्या भारती के बालिका शिक्षा प्रमुख उमाशंकर मिश्र जी, सचिव भारतीय शिक्षा परिषद दिनेश जी और तकनीकी निदेशक अमिताभ बनर्जी जी ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष पुष्पार्चन एवं दीप प्रज्जवलन किया। प्रशिक्षण कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए सचिव, भारतीय शिक्षा परिषद दिनेश जी ने कहा कि छात्रों के लिए ऑनलाइन शिक्षा आज की जरूरत बन गई है। उन्होंने कहा कि तकनीकि के जरिए हम घर बैठे अच्छी शिक्षा हासिल कर सकते हैं। हमें खुद को भी आधुनिक तकनीकि के मुताबिक अपग्रेड करना होगा, जिससे अगली पीढ़ी भी इसका फायदा उठा सके।

विद्या भारती एलएमस के तकनीकि निदेशक अभिताभ बनर्जी ने प्रशिक्षु शिक्षकों से ऑनलाइन शिक्षण कार्य के दौरान आ रही चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की। इसके साथ ही उन्होंने ये भी बताया कि ऑनलाइन शिक्षण को कैसे प्रभावी और सरल बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि पहले हम ब्लैक बोर्ड, फिर व्हाइट बोर्ड और अब डिजिटल बोर्ड पर आ गए हैं। पहले से हमारा शिक्षण कार्य भी सरल हुआ है, लेकिन इसे कैसे रोचक बनाया जा सकता है, ताकि छात्र आसानी से समझ सकें। उन्होंने कहा कि विद्याभारती एलएमएस (लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम) मोबाइल एप के जरिए छात्रों तक हमारी पहुंच आसान हो गई है। इस ऐप के जरिए छात्र और शिक्षक आपस में ऑनलाइन चर्चा भी कर सकते हैं। 

उन्होंने कहा कि विद्याभारती एलएमएस देश का एकलौता ऐसा शैक्षणिक प्लेटफॉर्म है, जहां हिन्दी, अंग्रेजी सहित तमाम क्षेत्रीय भाषाओं में अलग-अलग विषयों पर शैक्षिक सामग्री उपलब्ध है। छात्र अपनी सुविधानुसार और अपनी रुचि के विषय से संबंधित पाठ्य सामग्री डाउनलोड भी कर सकता है। इसके साथ ही छात्र को यदि कोई समस्या आ रही है तो वह संबंधित विषय विशेषज्ञ से सीधे सवाल भी पूछ सकता है।

कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षु शिक्षकों ने प्रशिक्षण का अनुभव साझा करते हुए कहा कि हम इस प्रशिक्षण से बहुत लाभान्वित हुए। हमारी ऑनलाइन शिक्षण संबंधी समस्याओं का सहज और सरल रूप में समाधान मिल गया है। हम अवश्य ही कुछ नया और बेहतर प्रदर्शन करेंगे, ताकि छात्रों का सर्वांगीण विकास हो सके। इसके साथ ही प्रशिक्षु शिक्षकों से डिजिटल लर्निंग को कैसे और बेहतर बनाया जा सके, इस पर सुझाव भी मांगे गए हैं।

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