एनडीए में दलित चेहरा माने जाने वाले रामविलास पासवान (Ram Vilas Paswan) और उनके बेटे चिराग पासवान (Chirag Paswan) की मांझी की एंट्री से चिंताएं बढ़ गयीं हैं।
मांझी की एंट्री से टेंशन में चिराग! जल्द लेंगे बड़ा फैसला

Patna. बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Elections) से पहले प्रदेश में नेताओं के पाला बदलने का सिलसिला जा रही है। इसी कड़ी में विपक्षी महागठबंधन से नाता तोड़ने वाले जीतनराम मांझी (Jitan Ram Manjhi) एक बार फिर एनडीए (NDA) में शामिल हो गए हैं। जिससे प्रदेश में सियासी समीकरण बदलते हुए नजर आ रहे हैं। वहीं, एनडीए में दलित चेहरा माने जाने वाले रामविलास पासवान (Ram Vilas Paswan) और उनके बेटे चिराग पासवान (Chirag Paswan) की मांझी की एंट्री से चिंताएं बढ़ गयीं हैं।

सीट बंटवारे को लेकर एलजेपी की बढ़ी चिंता

बिहार एनडीए (Bihar NDA) के घटक दल एलजेपी (LJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान (Chirag Paswan) लंबे समय से सीएम नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) और जेडीयू (JDU) के खिलाफ आक्रामक रवैया अपनाये हुए हैं। चिराग पासवान बिहार सरकार (Bihar Government) में एलजेपी की हिस्सेदारी और सीटों के बंटवारे को लेकर नाखुश बताए जा रहे हैं। चिराग इस बार ज्यादा सीटें दिए जाने को लेकर एनडीए (NDA) पर दबाव बना रहे हैं। वहीं, मांझी की एंट्री ने चिराग की चिंताएं और भी बढ़ा दी हैं। 

सूत्रों के मुताबिक एलजेपी सीटों के बंटवारे में देरी से परेशान है और सीटों का बंटवारा जल्द से जल्द चाहती है जिससे बाद में कोई विवाद न हो। वहीं, चिराग पासवान 7 सितंबर को बिहार संसदीय  बोर्ड की दिल्ली में बैठक करने वाले हैं।  इस बैठक में चिराग कोई बड़ा फैसला ले सकते हैं। एलजेपी ने 2015 के विधानसभा चुनाव और 2014 व 2019 के लोकसभा चुनाव के आधार पर एलजेपी ने 40 सीटें मांगी है। लेकिन इतनी सीटें मिलना बेहद मुश्किल दिख रहा है। हालांकि एलजेपी अध्यक्ष 119 सीटों पर चुनाव की तैयारी की बात कह चुके हैं।

एनडीए का दलित चेहरा होंगे मांझी

एलजेपी (LJP) के साथ तनातनी और श्याम रजक (Shyam Rajak) के आरजेडी (RJD) में शामिल होने के बाद नीतीश कुमार (Nitish Kumar) और एनडीए (NDA) को दलित वोट बैंक (Dalit Vote Bank) के बिखराव का डर सताने लगा था। वहीं, अब डैमेज कंट्रोल के तौर पर नीतीश कुमार महागठबंधन में नाराज चल रहे जीतनराम मांझी (Jitan Ram Manjhi) को एनडीए (NDA) में शामिल कराने में सफल हुए हैं। 

जीतनराम मांझी (Jitan Ram Manjhi) बिहार के सीएम रह चुके और एक बड़े दलित नेता (Dalit Leader) की हैसियत भी रखते हैं। बताया जा रहा है कि जेडीयू मांझी की पार्टी का अपने में विलय कराना चाहती थी, लेकिन बात न बनने पर मांझी की पार्टी को कुछ सीटें दी जा सकती हैं।

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