राष्ट्रीय ​राजधानी दिल्ली में कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में चिट्ठी सार्वजनिक होने के मामले को लेकर बवाल मचा हुआ है। बैठक में कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने अपने इस्तीफे की पेशकश की है और चिट्ठी का भी जवाब दिया है.
कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में भड़के राहुल गांधी, गुलाम नबी आजाद और कपिल सिब्बल ने कर दी इस्तीफे की पेशकश!

New Delhi. राष्ट्रीय ​राजधानी दिल्ली में कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक में चिट्ठी सार्वजनिक होने के मामले को लेकर बवाल मचा हुआ है। बैठक में कांग्रेस (Congress) की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) ने अपने इस्तीफे की पेशकश की है और चिट्ठी का भी जवाब दिया है, जिसमें नेतृत्व को लेकर सवाल खड़े किए गए थे। इसके साथ ही पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह (Manmohan Singh), पूर्व रक्षामंत्री एके एंटनी (Ak Antony), पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह (Amrinder Singh) ने भी चिट्ठी की आलोचना की है। 

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) चिट्ठी को लेकर काफी नाराज हो गए, उन्होंने चिट्ठी की टाइमिंग को लेकर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) के अस्पताल में भर्ती होने के समय ही पार्टी नेतृत्व को लेकर पत्र क्यों भेजा गया था? उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) को पत्र उस समय लिखा गया था, जब राजस्थान में कांग्रेस सरकार संकट का सामना कर रही थी। राहुल (Rahul) ने कहा कि पत्र में जो लिखा गया था, उस पर चर्चा करने का सही स्थान सीडब्लूसी बैठक हैं, न कि मीडिया। यही नहीं, राहुल गांधी बैठक में इतना भड़क गए कि उन्होंने यह त​क कह डाला कि भारतीय जनता पार्टी (Bhartiya Janta Party) की मिलीभगत से ये चिट्ठी लिखी गई है। इसे लेकर वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद (Gulam Nabi Azad) भी नाराज हो गए। उन्होंने कहा कि अगर मिलीभगत साबित हो गई तो वे पार्टी से इस्तीफा दे देंगे।

वहीं, कपिल सिब्बल (Kapil Sibbal) ने भी काफी नाराजगी जताई। उन्होंने अपने टि्वटर बायो से कांग्रेस (Congress) भी हटा दिया। उन्होंने राहुल के बीजेपी (BJP) से मिलीभगत वाले आरोप पर तीखी आलोचना की थी, हालांकि बाद में उन्होंने अपने ट्वीट को हटा दिया है। कपिल सिब्बल (Kapil Sibbal) ने अपने ट्वीट में लिखा था, कि राजस्‍थान हाईकोर्ट (Rajasthan Highcourt) में कांग्रेस पार्टी (Congress Party) को सफलतापूर्वक डिफेंड किया। मणिपुर में बीजेपी सरकार (BJP Government) गिराने में पार्टी का बचाव किया। पिछले 30 साल में किसी मुद्दे पर बीजेपी (BJP) के पक्ष में कोई बयान नहीं दिया। इसके बाद भी हम 'बीजेपी (BJP) के साथ मिलीभगत कर रहे हैं। यही नहीं, सिब्‍बल ने अपने ट्विटर बायो से कांग्रेस भी हटा दिया है। हालांकि बाद में उन्होंने ट्वीट को हटा दिया है।

पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने नेताओं को लगाई फटकार

वहीं, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह (Manmohan Singh) और वरिष्‍ठ कांग्रेस नेता एके एंटनी ने चिट्ठी लिखने के कदम की आलोचना की। उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी को नया पार्टी अध्यक्ष चुने जाने तक अंतरिम अध्यक्ष के पद पर बने रहना चाहिए। उन्‍होंने नेतृत्‍व में बदलाव की मांग रखने वाले नेताओं को फटकार भी लगाई। 

बता दें कि सोनिया गांधी को भेजी गई चिट्ठी में राज्‍यसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद, आनंद शर्मा, कपिल सिब्‍बल, मनीष तिवारी, शशि थरूर, सांसद विवेक तनखा, मुकुल वासनिक, जितिन प्रसाद, भूपिंदर सिंह हुड्डा, राजेंद्र कौर भटट्ल, एम वीरप्‍पा मोइली, पृथ्‍वीराज चव्‍हाण, पीजे कुरियन, अजय सिंह, रेणुका चौधरी, मिलिंद देवड़ा, राज बब्‍बर, अरविंदर सिंह लवली, कौल सिंह, अखिलेश प्रसाद सिंह, कुलदीप शर्मा, योगानंद शास्‍त्री और संदीप दीक्षित के हस्‍ताक्षर हैं।

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