दुर्भाग्यपूर्ण घटना थी गलवान झड़प, मामला संभालने की कर रहे कोशिश : चीन
दुर्भाग्यपूर्ण घटना थी गलवान झड़प, मामला संभालने की कर रहे कोशिश : चीन

-- अरविंद पांडे

बीते जून में पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में भारतीय और चीनी सेना के बीच कई दशकों में पहली बार हुई हिंसक झड़प को भारत में चीन के राजदूत सुन वेईडोंग ने दुर्भाग्यपूर्ण घटना करार दिया है। इस झड़प में 20 भारतीय जवानों ने अपनी जान गंवा दी थी। चीनी राजदूत ने कहा कि 'यह घटना इतिहास के नज़रिये से बहुत अहम नहीं होगी।' वेइंडोंग ने चीन-भारत संबंधों पर आधारित एक वेबिनार के दौरान कहा, 'कुछ समय पहले ही सीमा पर एक ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई, जिसे भारत और चीन दोनों ही देश नहीं देखना चाहेंगे। अब हम इसे संभालने की कोशिशें कर रहे हैं।'

सुन वेइंडोंग ने कहा, 'चीन और भारत के बीच 70 साल पहले कूटनीतिक संबंधों की स्थापना के साथ ही दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों की परीक्षा भी हुई है, जिससे वे पहले से ज्यादा मजबूत हुए हैं। यह संबंध किसी एक चीज से खराब नहीं होना चाहिए। इस नई सदी में भी दोनों देशों के संबंध पीछे जाने के बजाय आगे ही बढ़ते रहने चाहिए।'

उन्होंने कहा, मैं मानता हूं कि विश्व की इन दोनों प्रचीन सभ्यताओं के पास द्विपक्षीय संबंधों को संभालने के लिए ज्ञान और क्षमता है। जहां तक चीन की बात है वह भारत को एक दुश्मन के बजाय सहयोगी और खतरे के बजाय अवसर के तौर पर देखता है। हम उम्मीद करते हैं कि द्विपक्षीय संबंधों में सीमा के सवालों को उचित जगह मिलेगी, मतभेदों को बातचीत के जरिए सुलझाया जाएगा और जितनी जल्दी हो सके दोनों देशों के संबंधों को वापस पटरी पर लाया जाएगा। भारत और चीन को शांति से रहना चाहिए और संघर्षों से बचना चाहिए।

चीनी राजदूत ने कहा, कोई भी देश पूरी दुनिया से अलग-थलग होकर अपना विकास अकेले नहीं कर सकता है। हमें सिर्फ अपनी आत्मनिर्भरता पर काम नहीं करना चाहिए, बल्कि वैश्वीकरण में शामिल होने के लिए दूसरों के लिए भी दरवाजे खोलने होंगे। बस इसी तरह हम अपना बेहतर विकास कर सकते हैं।

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