दिल की सेहत के लिए ठीक नहीं दोपहर में सोना
दिल की सेहत के लिए ठीक नहीं दोपहर में सोना

--धर्मेन्‍द्र त्रिपाठी

 

आमतौर पर यह मान्‍यता है कि दोपहर के भोजन के बाद थोड़ी देर नींद लेने में कोई बुराई नहीं है और इससे दिल की सेहत पर कोई खास असर नहीं पड़ता है। वैज्ञानिकों द्वारा पहले भी दिन में झपकी लेने का हृदय पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्‍ययन किया गया है। हालांकि इन अध्‍ययनों के नतीजे अलग-अलग रहे। कुछ अध्ययनों में कहा गया कि इन दो चीजों का आपस में कोई संबंध नहीं है, वहीं कुछ में लिखा गया कि दिन में झपकी लेना सेहत के लिए अच्छा है, लेकिन सबसे महत्‍वपूर्ण यह है कि हम यह झपकी कितनी देर के लिए लेते हैं। 

 

अब चीन स्थित ग्वांगझोउ विश्वविद्यालय में किए गए एक नए शोध में इस बात का खुलासा हुआ है कि दोपहर में एक घंटे से अधिक समय तक सोना दिल की बीमारी के खतरे को बढ़ा देता है और इससे मौत होने की आशंका भी अधिक हो जाती है। ‘ईएससी कांग्रेस 2020 द डिजिटल एक्सपीरियंस’ में प्रकाशित इस शोध में दोपहर के वक्त झपकी लेने और दिल की बीमारी व मौत होने के जोखिम के बीच संबंधों के बारे में विश्‍लेषण किया गया है।

इस विश्लेषण में 20 से अधिक अध्ययनों में कुल 3,13,651 प्रतिभागियों को शामिल किया गया था, जिनमें से कुल 39 फीसदी ने दोपहर के वक्त नींद ली। शोध में पाया गया कि एक घंटे से अधिक समय तक सोने से दिल की बीमारी होने और मौत का खतरा उन लोगों की तुलना में 30 फीसदी तक बढ़ जाता है, जो दोपहर में नहीं सोते हैं। हालांकि, दोपहर के समय एक घंटे से कम समय तक सोने से दिल की बीमारी के होने का खतरा नहीं रहता है। वहीं अगर रात में सोने की बात की जाए तो यह खतरा ऐसे लोगों में अधिक रहता है, जो रोजाना रात को छह घंटे से अधिक सोते हैं।

 

इस शोध के लेखक डॉ. झे पान का कहना है कि दिन में सोना पूरी दुनिया में आम है और सामान्यत: इसे सेहत के लिए बेहतर माना जाता है। आमतौर पर समझा जाता है कि झपकी लेने से व्‍यक्ति के काम करने की क्षमता में सुधार आता है और नींद की कमी से होने वाले विपरीत प्रभावों को दूर किया जा सकता है। उन्‍होंने कहा कि इस शोध में इन दोनों ही विचारों को चुनौती दी गई है। डॉ. पैन के अनुसार, शोध के नतीजे से पता चलता है कि 30 से 45 मिनट तक सोने से उन लोगों के दिलों की सेहत सुधरती है जो रात में पर्याप्त मात्रा में नींद नहीं ले पाते हैं।

उधर, स्विटजरलैंड स्थित यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल ऑफ लॉसेन के शोधकर्ताओं ने भी दोपहर में सोने और खतरनाक बीमारियों से उसके संबंध को पता करने के लिए वर्ष 2003 में रिसर्च किया था। उन्‍होंने अपने रिसर्च में पाया कि सप्ताह में 1-2 बार दिन के समय सोना हृदय के स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है। इससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक से बचाव रहता है। वैज्ञानिकों ने इस रिसर्च में 35 साल से 75 साल के 3462 लोगों को शामिल किया था। रिसर्च के दौरान 5 साल तक इन सभी लोगों के सोने की आदतों और इससे शरीर में होने वाले बदलावों का अध्‍ययन किया गया। शोधकर्ता इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि सप्ताह में 1-2 दिन 5 मिनट से एक घंटे की नींद हार्ट अटैक, स्ट्रोक और हार्ट फेल्योर के खतरे को 48 फीसदी तक कम कर देती है। हालांकि एक घंटे से ज्यादा सोने वाले लोगों के लिए दोपहर की नींद खतरनाक साबित होती है। यह रिसर्च ब्रिटिश कार्डियोवस्कुलर सोसायटी द्वारा प्रकाशित होने वाली ‘हार्ट’ नामक जर्नल में प्रकाशित हुआ था।

पूरी स्टोरी पढ़िए