कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। उत्तर प्रदेश कोविड अस्पतालों में एक लाख बेड तैयार करने वाला भारत का पहला राज्य बन गया है।
Covid-19: उत्तर प्रदेश बना कोविड अस्पतालों में एक लाख बेड तैयार करने वाला देश का पहला राज्य

Lucknow. कोरोना वायरस (coronavirus) के खिलाफ जंग में उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) सरकार ने महत्वपूर्ण  उपलब्धि हासिल की है। उत्तर प्रदेश  कोविड (Covid-19) अस्पतालों में एक लाख बेड तैयार करने वाला भारत (Covid 19 India) का पहला राज्य बन गया है। इस उपलब्धि को हासिल करना राज्य की तरफ से संदेश है कि कोरोना वायरस महामारी (coronavirus pandemic) से लड़ने के लिए उत्तर प्रदेश पूरी तरह से तैयार है।  बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मई का अंत तक एक लाख बेड तैयार करने का निर्देश दिया था। प्रदेश के सभी 75 जिलों में L1, L2 लेवल के अस्पताल (covid hospital) पूरी तरह तैयार हैं। 

Covid-19 के गंभीर मरीजों के इलाज के लिए 25 अस्पताल तैयार

प्रदेश में लेवल 3 (L3) के भी 25 अस्पताल तैयार किये गये हैं। कोरोना के सामान्य मरीजों के लिए लेवल - 1 (L1)और लेवल - 2 (L2) के अस्पताल हैं तो वहीं कोरोना वायरस के गंभीर मरीजों के लिए लेवल 3 के अस्पताल पूरी तरह तैयार हैं। लेवल 1 के अस्पतालों में सामान्य बेड के अलावा आक्सीजन की व्यवस्था की गई है। 

लेवल 2 के अस्पतालों में बेड पर आक्सीजन के साथ कुछ में वेंटिलेटर की भी व्यवस्था है। यूपी सरकार का दावा है कि लेवल 3 के अस्पतालों में वेंटिलेटर, आईसीयू और डायलसिस की व्यवस्थाओं समेत गंभीर मरीजों के लिए हर तरह की अत्याधुनिक सुविधाओं मौजूद है।

राज्य में कोरोना टेस्ट (corona test) की प्रतिदिन क्षमता अब 10 हजार तक पहुंच चुकी है। इससे पहले मार्च के पहले सप्ताह में प्रतिदिन 50 टेस्ट (corona positive) हो पाते थे। सीएम योगी (CM Yogi) ने निर्देश दिया कि 15 जून तक 15000 टेस्ट और जून के अंत तक 20,000 टेस्ट प्रतिदिन की क्षमता हासिल की जाये। यूपी में 30 लैब काम कर रही हैं, जिसमें 24 सरकारी और 6 अन्य संस्थाओं में हैं।

वेंटिलेटर निर्माण यूनिट की हुई शुरुआत

कोरोना के पहले केस के समय उत्तर प्रदेश के 36 जनपदों में वेंटिलेटर नहीं थे। इसके बाद सीएम योगी के निर्देश पर हर जनपद में पर्याप्त वेंटिलेटर (ventilator) दिये गये। आपको बता दें कि लॉकडाउन (lockdown) के दौरान नोएडा में वेंटिलेटर निर्माण की यूनिट की शुरूआत की गई। महंगे वेंटिलेटर खरीदने के बजाय योगी सरकार ने बेहद सस्ते और पोर्टेबल वेंटिलेटर खुद ही बनवाए, जिनकी कीमत डेढ़ से 2 लाख रुपये थी। इन तैयारियों से लगता है कि राज्य की योगी सरकार ने कोरोना वायरस से मुकाबले के लिए तैयारियां मुकम्मल कर ली हैं। अब जनता की भी जिम्मेदारी है कि खुद को और समाज को सुरक्षित रखने के लिए सरकार के दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन करे।

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