पेंटागन ने यह रिपोर्ट मंगलवार को अमेरिकी कांग्रेस (American Congress) को सौंपी है, जिसमें कहा गया है कि चीन (China) जिबूती में सैन्य अड्डों से अलग हटकर इन देशों में सैन्य अड्डा स्थापित कर रहा है।
भारत को घेरने के लिए एक दर्जन देशों में सैन्य ठिकाने बना रहा चीन, रिपोर्ट में खुलासा

New Delhi. भारत-चीन (India China) सीमा पर जारी तनाव के बीच एक चिंताजनक रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि चीन, भारत को घेरने के लिए उसके तीन पड़ोसी देशों के साथ-साथ करीब एक दर्जन देशों में अपना सैन्य ठिकाना स्थापित कर रहा है।

अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन (Pentagon) ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट ‘मिलिट्री एंड सिक्योरिटी डेवलपमेंटस इनवॉल्विंग द पीपल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना (पीआरसी) 2020’ में दावा किया है कि चीन भारत के 3 पड़ोसी देश पाकिस्तान, श्रीलंका, और म्यांमार के अलावा सिंगापुर, इंडोनेशिया, थाईलैंड, संयुक्त अरब अमीरात, तंजानिया, कजाकिस्तान, केन्या, सेसल्स और अंगोला में बड़े पैमाने पर अपने सैन्य ठिकाने स्थापित कर रहा है। 

पेंटागन ने यह रिपोर्ट मंगलवार को अमेरिकी कांग्रेस (American Congress) को सौंपी है, जिसमें कहा गया है कि चीन (China) जिबूती में सैन्य अड्डों से अलग हटकर इन देशों में सैन्य अड्डा स्थापित कर रहा है। चीन अपनी थल सेना, वायु सेना और नेवी को और शक्तिशाली बना रहा है। इसके अलावा परमाणु हथियारों का जखीरा भी दोगुना करने की तैयारी कर रहा है। अभी चीन के पास करीब 200 परमाणु हथियार हैं।

इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अगले 10 सालों में चीन अपने परमाणु ताकतों का विस्तार कर लेगा, जो सीधे अमेरिका के लिए खतरा है। चीन के पास अभी परमाणु हमला करने के लिए एयरलाइंस बैलिस्टिक मिसाइल नहीं है, जिसको चीन जल्द से जल्द बनाना चाह रहा है। 

पेंटागन (Pentagon) की रिपोर्ट में कहा गया है कि पीएलए का आयतन विस्तार अमेरिका (America) के सैन्य अभियानों में हस्तक्षेप कर सकता है। अमेरिका के खिलाफ अभियानों में समर्थन भी कर सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन ने सोलोमन नामीबिया और वनुआतू द्वीप पर पहले से ही कब्जा कर चुका है। 

उसका अन्य देशों में सेना विस्तार क्षेत्रीय शांति के लिए खतरा है। अमेरिका ने पहली बार चीन के हथियारों की संख्या सार्वजनिक की है। इसके साथ ही पेंटागन ने चीन के बढ़ते परमाणु कार्यक्रमों पर चिंता भी जताई है। अमेरिका ने कहा कि चीन ओबीओआर (One Belt One Road) के द्वारा अपने आर्थिक एकीकरण के लक्ष्य को साधना चाहता है। 

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