कोरोना वायरस महामारी के दौर में स्वच्छता और स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर सरकार लगातार निर्देश जारी कर रही है, लेकिन जब अस्पतालों में ही व्यवस्था बदहाल दिखे तो कई सवाल खड़े हो जाते हैं।
सीएचसी गुडम्बा का हाल: कोरोना जांच कराइये मुफ्त में मलेरिया, डेंगू ले जाइये!

Lucknow. कोरोना वायरस महामारी के दौर में स्वच्छता और स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर सरकार लगातार निर्देश जारी कर रही है, लेकिन जब अस्पतालों में ही व्यवस्था बदहाल दिखे तो कई सवाल खड़े हो जाते हैं। अस्पतालों का हाल कुछ ऐसा है, जिसे देखकर ये कहना कतई अतिशयोक्ति नहीं होगा कि कोरोना की जांच कराइये और मुफ्त में मलेरिया और डेंगू ले जाइये। दरअसल, से हाल कहीं और नहीं, ​बल्कि सरकार की नाक के नीचे राजधानी लखनऊ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गुडम्बा का है।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गुडम्बा में इसी जगह होती है कोरोना की जांच

प्रदेश की राजधानी लखनऊ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गुडम्बा पहुंचने के लिए चिकित्सकों, मरीजों और उनके तीमारदारों को काफी परेशानियां उठानी पड़ रही है। कुर्सी रोड से अस्पताल परिसर को जाने वाले रास्ते पर गंदगी का अंबार लगा हुआ, जो हल्की सी बारिश होने पर सड़कों पर फैला रहता है। इसी सड़क पर मवेशी भी बने रहते हैं, जो अस्पताल परिसर में खुलेआम घूमते रहते हैं। अस्पताल परिसर सड़क से नीचा होने के कारण यहां गंदा पानी जमा होता है। नालियों का पानी बहता  हुआ अस्पताल परिसर में घुस रहा है। यही नहीं,  ​यहां ड्रेनेज सिस्टम न होने के कारण नालियों का गंदा पानी अस्पताल परिसर में घुस रहा है। 

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गुडम्बा के गेट पर भरा पानी

अस्पताल परिसर में गंदा पानी जमा होने के कारण मच्छरों के पनपने का सबसे ज्यादा खतरा बना हुआ है। जबकि इसी गंदे पानी के समीप कोरोना संक्रमण की जांच भी होती है। ऐसे में मरीजों के साथ—साथ अस्पताल के चिकित्सकों और स्टाफ को कोरोना के साथ अब मलेरिया और डेंगू का भी भय सताने लगा है। यही नहीं, अस्पताल परिसर में चिकित्सकों और स्टाफ के लिए आवास भी बने हुए हैं, लेकिन पूरे परिसर में गंदा पानी भरा होने से हालात बदतर हो गए हैं।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गुडम्बा को जाने वाला रास्ता

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गुडम्बा के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. दिलीप कुमार भार्गव ने कहा कि काउ कैचर के लिए सीएमओ को पत्र लिखा था, काउ कैचर लगवा दिया गया है। उन्होंने कहा कि सम्बंधित विभाग ड्रेनेज सिस्टम की व्यवस्था कराए, जिससे नाली का पानी परिसर में न घुसे। उन्होंने कहा कि पहले पानी निकासी की व्यवस्था कराई गई थी, लेकिन यहां के प्रधान ने उसे बंद करा दिया था।

महापौर संयुक्ता भाटिया ने कहा कि अभी तक उन्हें इसकी कोई सूचना नहीं थी। पहली बार शिकायत आई है, वहां शुक्रवार को ही क्षेत्र के अधिकारी को भेजकर पानी निकास की समुचित व्यवस्था कराई जाएगी।

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