बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Vidhan sabha election) के पहले महागठबंधन (mahagathbandhan) को बड़ा झटका लगा है।
बिहार चुनाव से पहले महागठबंधन को बड़ा झटका, पूर्व सीएम जीतन राम मांझी एनडीए में होंगे शामिल

Patna. बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Vidhan sabha election) के पहले महागठबंधन (mahagathbandhan) को बड़ा झटका लगा है। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के प्रमुख जीतन राम मांझी (jitan Ram Manjhi) ने एनडीए (NDA) में शामिल होने का ऐलान किया है। महागठबंधन से अलग होने के बाद जीतन राम मांझी एनडीए के साथ गठबंधन करके आगामी विधानसभा का चुनाव लड़ेंगे। 

सूत्रों के मुताबिक, नीतीश कुमार (Nitish Kumar) अपने कोटे से जीतन राम मांझी को 9 सीट देने का वादा किए हैं, जिस पर मांझी भी सहमत हो गए हैं। वहीं सूत्रों के मुताबिक, माझी को राज्यसभा भी भेजा जा सकता है। राज्यसभा में बिहार की सीट खाली होते ही माझी को जेडीयू कोटे से टिकट मिल सकता है। 

हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (Hindustani Awam Morcha) के प्रवक्ता दानिश रिजवान ने कहा कि देश और बिहार के विकास के मुद्दे पर हमारी पार्टी एनडीए के साथ गठबंधन कर रही है। उन्होंने कहा कि तेजस्वी (Tejaswi Yadav) से उनकी पार्टी को उम्मीद थी कि वह एक युवा नेता है।

लालू यादव (Lalu Yadav) की पुरानी नीतियों को छोड़कर बिहार के विकास के लिए काम करेंगे, लेकिन जिस तरह से राज्यसभा और विधान परिषद के टिकट में बंदरबांट हुआ, उससे साफ जाहिर हो गया कि तेजस्वी केवल दल के बारे में सोचते हैं, वह कार्यकर्ताओं और राज्य के हित में नहीं सोच सकते। 

उन्होंने कहा कि 15 सालों तक लालू यादव ने जिस प्रकार बिहार का शासन चलाया, तेजस्वी यादव भी वैसे ही सोच रहे हैं। जो राज्य के हित में नहीं है, इसलिए हमारी पार्टी ने एनडीए में जाने का फैसला किया। 

बता दें कि आरजेडी (RJD) के एकतरफा फैसले लेने की वजह से सहयोगी दलों में नाराजगी है, जिसकी वजह से जीतन राम मांझी 20 अगस्त को महागठबंधन से अलग हो गए थे। तभी से कयास लगाए जा रहे थे कि वह जेडीयू में शामिल होंगे। माझी महागठबंधन से एक समन्वय समिति बनाने की मांग किए थे, जिससे यह तय किया जाए कि चुनाव की रणनीति क्या होगी और मुख्यमंत्री का चेहरा कौन होगा। 

उनकी इस मांग को आरजेडी ने खारिज कर दिया था। जिसके बाद वह महागठबंधन से अलग होकर 27 अगस्त को नीतीश कुमार से मुलाकात की और अब 3 सितंबर को एनडीए में शामिल होने जा रहे हैं। अभी तक आरजेडी के सात विधायक और पांच विधान पार्षद जेडीयू में शामिल हो चुके हैं। 

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