भारत भी बनाएगा दुनिया का सबसे तेज हाइब्रिड क्वांटम कम्प्यूटर
भारत भी बनाएगा दुनिया का सबसे तेज हाइब्रिड क्वांटम कम्प्यूटर

-- धर्मेन्‍द्र त्रिपाठी

 

भारत तकनीक के क्षेत्र में लगातार प्रगति कर रहा है। इसी कड़ी में भारत अब क्वांटम कम्प्यूटिंग की क्षमता वाले विकसित देशों के चुनिंदा वैश्विक क्लब का हिस्सा बनने जा रहा है। इस दिशा में एक नई पहल करते हुए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान के पूर्व छात्रों की परिषद (आईआईटी एलुमनाई काउंसिल) ने रूस के प्रमुख प्रौद्योगिकी बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर) के मालिकों और विश्वविद्यालयों के साथ साझा क्वांटम मिशन की घोषणा की है।

रूस के साथ समझौता

भारत में दुनिया के सबसे बड़े और सबसे तेज हाइब्रिड क्वांटम कंप्यूटर को बनाने के लिए पिछले दिनों लोमोनोव मॉस्को स्टेट यूनिवर्सिटी और रूसॉफ्ट के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं। रूसॉफ्ट रूस का उद्योग-व्यापार निकाय है, जो भारत में नैस्कॉम के समकक्ष है। इस समझौते से दुनिया के तीव्रतम हाइब्रिड क्वांटम कम्प्यूटर के भारत में निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो सकता है। आईआईटी एलुमनाई काउंसिल के अध्यक्ष डॉ. रवि शर्मा के अनुसार, यह समझौता, अत्याधुनिक तकनीक तक भारत की पहुंच सुनिश्चित करने के अलावा रूस से प्रौद्योगिकी हस्तांतरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

 

डॉ. रवि शर्मा बताते हैं, ‘हमने भारत में दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे तेज हाइब्रिड क्वांटम कम्प्यूटर बनाने का मिशन शुरू किया है। रूस के साथ यह करार इस क्षेत्र के वैश्विक विशेषज्ञों की प्रमुख प्रौद्योगिकियों को एकीकृत करने की ओर महत्वपूर्ण कदम है। हमें यकीन है कि क्वांटम कम्प्यूटर रूस और भारत के बीच संबंधों को और मजबूत करेगा। इस पहल के अंतर्गत रूस की सरकारी स्वामित्व वाली विश्वविख्यात कंपनियां क्रायोजेनिक्स से संबंधित जटिल मॉड्यूल, क्रिप्टोग्राफी और मॉड्यूलर क्लाउड प्रबंधन तकनीक भारत को हस्तांतरित करेंगी।’

सुपर कंप्‍यूटर से हजारों गुना तेज

डॉ. रवि शर्मा ने बताया कि इस पहल का अगला चरण इन प्रौद्योगिकियों को उच्च गति क्वांटम कंप्यूटर के रूप में एकीकृत करना, डिस्ट्रिब्यूटेड कंप्यूटिंग के लिए उसे स्मार्टफोन व लैपटॉप से जोड़ना है। इसका उपयोग स्वास्थ्य, कृषि, परिवहन व लॉजिस्टिक्स, मौसम पूर्वानुमान और प्रदूषण जैसी प्रमुख समस्याओं से संबंधित बुनियादी ढांचे की चुनौतियों के समाधान को मजबूती प्रदान करने में हो सकता है। बता दें कि क्वांटम कंप्यूटर आधुनिक सुपर कंप्यूटर से हजारों गुना तेज काम कर सकते हैं। इससे कई प्रमुख क्षेत्रों में सूचनाओं का प्रसंस्करण अपेक्षाकृत कम कीमत पर तीव्र गति से किया जा सकेगा।

 

डॉ. रवि शर्मा का कहना है कि भारत में मौजूद सुपर कंप्यूटर की तुलना में क्वांटम कंप्यूटर लाखों गुणा अधिक क्षमता वाला है। इस तकनीक के देश में आने के बाद इंफार्मेशन टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में क्रांति आ जाएगी। इसके जरिए मौसम की सटीक भविष्यवाणी, स्वास्थ एवं परिवार कल्याण क्षेत्र में सिमुलेशन की प्रक्रिया, एडवांस मैन्युफैक्चरिंग, कृषि और अन्य सामाजिक क्षेत्रों में बहुत कम लागत में गुणात्मक बदलाव किए जा सकेंगे। दवा तथा वैक्सीन आदि के निर्माण शोध, अनुसंधान क्षेत्र में भी इससे काफी मदद मिलेगी।

 

क्या है क्वांटम कंप्यूटर?

पिछले साल गूगल ने क्वांटम कंप्यूटर बनाया था। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यह क्वांटम कंप्यूटिंग (अति सूक्ष्मता विज्ञान) थ्योरी के आधार पर काम करता है। असंभव सी लगने वाली गणनाओं (एक सेकंड में 20 लाख हजार करोड़ गणना की क्षमता) को यह पलक झपकते ही करने में सक्षम है। गूगल ने दावा किया था कि उसके क्वांटम कंप्यूटर ने दो सेकेंड के भीतर उस गणना की प्रक्रिया को पूरा किया, जिसे सुपर कंप्यूटर को पूरा करने में करीब दस हजार सेकेंड लग सकते हैं।

पूरी स्टोरी पढ़िए