राजस्थान कांग्रेस (Rajasthan Congress) में टॉप के दो नेता सचिन पायलट (Sachin pilot) और अशोक गहलोत (Ashok Gahlot) के बीच सियासी लड़ाई ने पूरे राजस्थान (Rajasthan politics) का नक्शा बदल दिया है।
गहलोत और पायलट खेमे को एक साथ साधने जयपुर पहुंचे अजय माकन, राज्य व जिला स्तर पर होंगी नियुक्तियां!

Jaipur. राजस्थान कांग्रेस (Rajasthan Congress) में टॉप के दो नेता सचिन पायलट (Sachin pilot) और अशोक गहलोत (Ashok Gahlot) के बीच सियासी लड़ाई ने पूरे राजस्थान (Rajasthan politics) का नक्शा बदल दिया है। संगठन से पायलट के बाहर होने के बाद कांग्रेस आलाकमान ने प्रदेश और जिला स्तर की सभी कार्यकारिणी को भंग कर दिया था, अब फिर से नियुक्तियों का दौर शुरू होगा। 

इसके लिए राजस्थान प्रभारी अजय माकन (Ajay Makan) रविवार शाम को जयपुर पहुंच गए हैं। राजस्थान प्रभारी बनने के बाद पहली बार राजस्थान दौरे पर आए माकन का सीएम अशोक गहलोत (CM Ashok Gehlot) और पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा (PCC chief Govind Dotasra) ने मुलाकात करके स्वागत किया है। माकन पांच दिन तक राजस्थान के दौरे पर रहेंगे।

इस दौरान वह गहलोत और पायलट गुट के विधायकों का फीडबैक लेकर तीन सदस्यीय कमेटी को भेजेंगे। इसके बाद तीन सदस्यीय कमेटी इस फीडबैक पर चर्चा करेगी। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डाेटासरा ने बताया कि कांग्रेस महासचिव और प्रभारी राजस्थान अजय माकन के साथ संवाद कार्यक्रम के तहत मंगलवार को जयपुर (Jaipur) संभाग और बुधवार को अजमेर (Ajmer) संभाग के प्रमुख नेताओं से मुलाकात करेंगे। जयपुर की मीटिंग पीसीसी कार्यालय में राखी गई है और अजमेर की मीटिंग अजमेर मुख्यालय पर रखी गई है। 

नईं नियुक्तियों की जिम्मेदारी प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा को दी गई है, लेकिन डोटासरा के सामने बड़ी चुनौती जिला स्तर पर की जाने वाली नियुक्तियों की है। बता दें कि जिला संगठन में नियुक्तियों को लेकर वैसे ही कार्यकर्ताओं के बीच झगड़े और विवाद रहते हैं। दूसरी तरफ डोटासरा को दोनों शीर्ष नेताओं के बीच सामंज्य बना कर चलने की सबसे बड़ी चुनौती है। 

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डोटासरा अगर गहलोत कैंप के विधायकों को तवज्जो देते हैं तो पायलट खेमे के विधायकों में असंतोष बढ़ेगा। वहीं, सचिन पायलट इससे पहले तक छह वर्षों तक पीसीसी चीफ रहे हैं। राज्य में तो अब तक सारी नियुक्तियां उनकी ही कलम से हुई हैं। ऐसे में पायलट खेमे के विधायकों को भी नजरंदाज नहीं कर सकते हैं। सबसे बड़ी चुनौती कांग्रेस कैम्प के वरिष्ठ विधायकों को साधने की है, जिसमें बड़ा नाम विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी का है। वे अभी स्पीकर हैं। वह पूर्व पीसीसी चीफ भी रह चुके हैं। 

वहीं सचिन पायलट (Sachin pilot) ने कहा कि संगठन और सत्ता में कैसे तालमेल बना कर चलना है, यह काम सबका है। उन्होंने कहा कि अजय माकन संभाग के नेताओं, विधायकों और कांग्रेस पदाधिकारियों से मुलाकात करेंगे।

https://twitter.com/INCRajasthan/status/1300069908357632000
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