प्रवासी मजदूरों के लिए लॉकडाउन का समय बेहद परेशान करने वाला रहा है। कोरोना वायरस की वजह से लागू हुए लॉकडाउन के चलते प्रवासियों की रोजी रोटी बंद हो गई। कमाई का साधन खत्म होने की वजह से उन्होंने अपने घरों की ओर रुख करने की सोची तो एक नई मुसीबत उनके सामने खड़ी हो गई।
प्रवासियों की मदद के लिए Sonu Sood ने अब किया यह काम, मंजिल मिलते ही खिल उठे लोगों के चेहरे

Mumbai. प्रवासी मजदूरों (migrant workers) के लिए लॉकडाउन (lockdown) का समय बेहद परेशान करने वाला रहा है। कोरोना वायरस (Covid-19 in India) की वजह से लागू हुए लॉकडाउन (lockdown extension) के चलते प्रवासियों (migrants) की रोजी रोटी बंद हो गई। कमाई का साधन खत्म होने की वजह से उन्होंने अपने घरों की ओर रुख करने की सोची तो एक नई मुसीबत उनके सामने खड़ी हो गई। पहली चुनौती थी सीमित संसाधन में सुरक्षित घर पहुंचना। इसके बाद शुरू हुई कवायद इस बात की कि कैसे घर पहुंचा जाए? बस और ट्रेन के बंद होने के बाद इन गरीबों के पास अपने घर तक सुरक्षित पहुंचने का कोई माध्यम नहीं बचा।


Sonu Sood ने 173 प्रवासी श्रमिकों को विमान से भेजा उनके घर उत्तराखंड

ऐसे में इन प्रवासियों के मसीहा बनकर आए बॉलीवुड (Bollywood) एक्टर सोनू सूद (Sonu Sood)। एक्टर सोनू सूद सिर्फ मुंबई से ही नहीं, बल्कि पूरे देश में फंसे प्रावासी मजदूरों को उनके घर पहुंचाने का काम कर रहे हैं। अब तक हजारों प्रवासी मजदूरों को सोनू बसों के जरिए उनके घर भेजा चुके हैं। यही नहीं, इस दौरान उन्होंने प्रवासियों के खाने पीने की भी व्यवस्था की। इसी क्रम में शुक्रवार को सोनी सूद ने एयर एशिया इंडिया (Air Asia India) के एक विमान से मुंबई से 173 प्रवासी श्रमिकों को उनके घर उत्तराखंड (Uttarakhand) भेजा। एयर एशिया इंडिया के प्रवक्ता ने बताया कि एयरबस ए 320 (Airbus A-320) मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (Chhatrapati Shivaji Maharaj International Airport) से शुक्रवार दोपहर करीब एक बजकर 57 मिनट पर 173 प्रवासी श्रमिकों को लेकर रवाना हुई।

प्रवक्ता के मुताबिक, विमान शाम चार बजकर 41 मिनट पर देहरादून (Dehradun) के जौली ग्रांट हवाई अड्डे (Jolly Grant Airport) पर उतरा। इसके बाद सोनू सूद ने कहा,  "एक और चार्टर्ड विमान (chartered plane) के उड़ान भरने के साथ ही देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे प्रवासी श्रमिकों की मदद करने की हमारी कोशिश और मजबूत हुई है।" उन्होंने कहा, "इनमें से ज्यादातर को कभी विमान से यात्रा करने का मौका नहीं मिला था, और अपने घर-परिवार तक पहुंचने के लिए जब वे एयर एशिया इंडिया के विमान में प्रवेश कर रहे थे तो उनके चेहरे की खुशी देखने लायक थी।"

जब तक हर एक प्रवासी मजदूर अपने घर नहीं पहुंच जाता अपनी मुहिम को जारी रखूंगा: Sonu Sood

गौरतलब है कि इससे पहले भी सोनू सूद ने केरल (Kerala) में फंसे 167 प्रवासी महिला श्रमिकों को चार्टर्ड विमान से ओडिशा (Odisha) भेजा था। ये सभी 167 महिलाएं कोच्चि (Kocchi) की एक फैक्टरी में सिलाई-कढ़ाई का काम करती थी। कोरोना वायरस (Covid-19) की वजह से हुए लॉकडाउन के चलते इनकी फैक्टरी बंद हो गई और ये लोग इधर-उधर भटकने पर मजबूर हो गए। पहले ही हजारों प्रवासी मजदूरों की मदद कर चुके सोनू ने इन महिलाओं की भी मदद की। बता दें कि सोनू सूद ने अपने पैसों से बसें बुक करके उन प्रवासी मजदूरों को घर पहुंचाने का काम शुरू किया है।

इस बारे में सोनू सूद का कहना है, "जब तक हर एक प्रवासी मजदूर अपने घर नहीं पहुंच जाता अपनी मुहिम को जारी रखूंगा। इसके लिए चाहे कितना भी काम और मेहनत करनी पड़े। अंतिम मजदूर के उसके घर पहुंचने तक चैन से नहीं रह सकता।"

Sonu Sood ने अब मदद की दिशा में किया यह काम, मंजिल मिलते ही खिल उठे लोगों के चेहरे । Newstimes

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