संयुक्त राष्ट्र की 75वीं वर्षगांठ पर दुनिया ने देखी भारत की ताकत
संयुक्त राष्ट्र की 75वीं वर्षगांठ पर दुनिया ने देखी भारत की ताकत

New Delhi. संयुक्त राष्ट्र (UN) की 75वीं सालगिरह की पूर्व संध्या पर पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने विश्व को संबोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने COVID-19 की महामारी का जिक्र किया। साथ ही उन्होंने संयुक्त राष्ट्र (UN) के पुनर्गठन की बात कही। भारत के यूएन का अस्थायी सदस्य बनने के बाद पीएम मोदी का यह पहला संबोधन था। न्यूयॉर्क (New York) में आयोजित इस कार्यक्रम में पीएम का संबोधन वर्चुअल ही हुआ।

COVID-19 महामारी में भारत ने 150 देशों की मदद की

संयुक्त राष्ट्र (UN) के सत्र को संबोधित करते हुए पीएम मोदी (PM Modi) ने बताया कि COVID-19 के दौर में भारत ने 150 देशों की मदद की। सरकार की कोशिशों को जनता के साथ जोड़कर COVID-19 के खिलाफ जंग को जनता का अभियान बनाया। भारत ने यूएन (UN) के कामों में योगदान दिया है। आज हम 2030 के एजेंडा और स्थायी विकास के लक्ष्यों में अपना योगदान कर रहे हैं। विकास के रास्ते पर आगे बढ़ने के साथ-साथ हम प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी को नहीं भूले हैं। हमने कार्बन उत्सर्जन रोकने में बहुत बड़ा काम किया है। 450 गीगावाट रिन्युएबल एनर्जी प्रोड्यूस करने का लक्ष्य रखा है। सिंगल यूज प्लास्टिक (Single Use Plastic) का इस्तेमाल बंद करने के लिए हमने सबसे बड़ा अभियान चलाया है। भूकंप हों, तूफान हों, इबोला हो या कोई भी मानव जनित या प्राकृतिक परेशानी हो, भारत ने हमेशा दूसरों की मदद की है।

संयुक्त राष्ट्र के पुनर्गठन की बात

इस दौरान पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने संयुक्त राष्ट्र के 'पुनर्गठन' की बात कही। पीएम मोदी ने कहा कि आज, संयुक्त राष्ट्र के 75 साल का जश्न मनाते हुए, आइए हम वैश्विक बहुपक्षीय प्रणाली में सुधार करने का संकल्प लें। इसकी प्रासंगिकता को बढ़ाने के लिए, इसकी प्रभावशीलता में सुधार लाने के लिए, और इसे एक नए प्रकार के मानव-केंद्रित वैश्वीकरण का आधार बनाना है। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र मूल रूप से द्वितीय विश्व युद्ध (Second World War) के उपद्रवों से पैदा हुआ था। आज, महामारी का प्रकोप इसके पुनर्जन्म और सुधार के लिए संदर्भ प्रदान करता है।

बता दें कि इस साल जून में भारत यूएन के सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) का अस्थाई सदस्य चुना गया था। भारत जून में 8 साल में 8वीं बार संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का अस्थाई सदस्य चुना गया था। वोटिंग में महासभा के 193 देशों ने हिस्सा लिया था। इनमें से 184 देशों ने भारत का समर्थन किया था। इसके बाद यह पहला मौका है जब मोदी ने ऐसे किसी कार्यक्रम में अपनी बात रखी। प्रधानमंत्री मोदी ने इससे पहले 2016 में इस परिषद की 70वीं सालगरिह पर भी भाषण दिया था।

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