पाकिस्तान में भारतीय उच्चायोग के कर्मचारियों की गिरफ़्तारी के बाद दोनों देशों में जुबानी जंग छिड़ी हुई है। पाकिस्तान ने दोनों कर्मचारियों को रिहा करने के बाद कई दावे किये हैं।
भारत से इस बात का बदला ले रहा पाकिस्तान, कर्मचारियों को फंसाने की कोशिश

New Delhi. पाकिस्तान (Pakisatan) में भारतीय उच्चायोग (Indian High Commission) के कर्मचारियों की गिरफ़्तारी के बाद दोनों देशों में जुबानी जंग छिड़ी हुई है। पाकिस्तान (Pakistan) ने दोनों कर्मचारियों को रिहा करने के बाद कई दावे किये हैं। पाकिस्तान की ओर से कहा गया कि गिरफ़्तार किये गए भारतीय कर्मचारी राजनयिक (Diplomet) नहीं हैं। साथ ही दोनों कर्मचारियों पर हिट एंड रन (Hit and Run) और फेक करेंसी (Fake Currency) से संबंधित केस दर्ज किये गए हैं।

पाकिस्तान के अखबार डॉन की एक खबर के मुताबिक दोनों भारतीय कर्मचारियों के खिलाफ इस्लामाबाद (Islamabad) के सेक्रेटेरियट पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गयी है। दोनों पर आरोप है कि इन्होंने पहले अपनी गाड़ी से फुटपाथ पर चल रहे एक व्यक्ति को कुचल दिया और फिर मौके से फरार होने की कोशिश भी की। साथ ही FIR में लिखा गया है कि दोनों के पास से जाली करेंसी भी बरामद हुई है। हालांकि पाकिस्तान विदेश मंत्रालय  (Pakistan Foreign Affairs Ministry)  इस मामले पर कुछ भी कहने से बच रहा है। 

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के मुताबिक दोनों भारतीय कर्मचारियों की पहचान पॉल सिल्वादेस और द्विमू ब्रह्म के तौर पर की गयी है। ये दोनों पाकिस्तान में 2017 में आए थे। ये दोनों भले ही भारतीय उच्चायोग में काम करते हैं, लेकिन दोनों के ही पास डिप्लोमेटिक पासपोर्ट नहीं हैं। दोनों राजनयिक नहीं हैं। 

पाकिस्तान (Pakistan) ने की ओर से कहा गया कि भारतीय उच्चायोग (Indian High-Commission)  के दोनों कर्मचारियों को पुलिस ने 'हिट एंड रन' से जुड़े एक केस में पूछताछ के लिए बुलाया था। विदेश कार्यालय द्वारा यह सूचित किए जाने के बाद कि उन्हें राजनयिक छूट प्राप्त है, पुलिस ने दोनों भारतीय अधिकारियों को रिहा कर दिया। 

पुलिस ने कहा कि औपचारिकता पूरी करने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया और उन्हें भारतीय मिशन के एक अधिकारी को सौंप दिया गया। इस दौरान विदेश मंत्रालय के अधिकारी भी मौजूद थे।

 पाकिस्तान में उच्चायोग के अधिकारियों की गिरफ़्तारी पर भारत ने कड़ा विरोध जताया। इससे पहले भारत ने सोमवार को नयी दिल्ली में पाकिस्तान के उपराजदूत को तलब कर कड़ा विरोध व्यक्त किया था। दिलचस्प बात यह कि यह घटना ऐसे वक्त पर हुई है जब भारत द्वारा दो हफ्ते पहले ही पाकिस्तानी उच्चायोग के दो कर्मचारियों को जासूसी के आरोप में देश से निकाला गया है। इस घटनाक्रम के बाद पाकिस्तानी एजेंसियों ने इस्लामाबाद में भारत के उप उच्चायुक्त गौरव अहलूवालिया समेत भारतीय दूतावास के कर्मियों को परेशान करना शुरू कर दिया था।

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