रूस के हस्तक्षेप के बाद आखिरकार अर्मेनिया और अजरबैजान पिछले कई दिनों से जारी युद्ध रोकने पर सहमत हो गए हैं। युद्ध को खत्म करने के लिए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने दोनों देशों के विदेश मंत्रियों को मॉस्को आमंत्रित किया था।
टला तीसरे विश्व युद्ध का खतरा, अर्मेनिया-अजरबैजान में बनी सहमति

New Delhi. रूस के हस्तक्षेप के बाद आखिरकार अर्मेनिया और अजरबैजान पिछले कई दिनों से जारी युद्ध रोकने पर सहमत हो गए हैं। युद्ध को खत्म करने के लिए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने दोनों देशों के विदेश मंत्रियों को मॉस्को आमंत्रित किया था। वहीं, युद्ध खत्म करने की सहमति के बाद तीसरे विश्व युद्ध का खतरा भी टल गया है। 

बता दें कि पिछले कई दिनों से आर्मेनिया और अजरबैजान के बीच नागोर्नो-काराबाख इलाके पर कब्जे को लेकर जबरदस्त युद्ध चल रहा था। वहीं, अगर दोनों देशों में सहमति नहीं बनती तो आने वाले दिनों में स्थिति विकराल हो सकती थी, क्योंकि कई देश इस लड़ाई में कूदने की तैयारी कर रहे थे। युद्ध रोकने पर सहमत आज दोपहर से दोनों तरफ से गरज रहीं तोपें खामोश हो जाएंगी। 

आर्मेनिया और अजरबैजान के बीच सहमति की जानकारी देते हुए रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने बताया कि अर्मेनिया और अजरबैजान मानवीय आधार पर युद्ध समाप्त करने पर सहमत हो गए हैं। 10 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे से दोनों देश युद्ध विराम को लागू कर देंगे। 

दोनों देश एक-दूसरे के कैदियों और संघर्ष में मारे गए लोगों के शवों का आदान-प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि अर्मेनिया और अजरबैजान ने नागोर्नो-काराबाख विवाद के निपटारे के लिए भी बातचीत शुरू करने पर सहमति दर्शाई है। 

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