जंग खत्म करने के लिए अजरबैजान ने अर्मेनिया के सामने रखीं ये तीन शर्तें
जंग खत्म करने के लिए अजरबैजान ने अर्मेनिया के सामने रखीं ये तीन शर्तें

New Delhi. नागोर्नो-काराबाख क्षेत्र पर कब्जे को लेकर अर्मेनिया और अजरबैजान के बीच जंग जारी है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की अपील के बावजूद दोनों देशों ने युद्ध खत्म करने की अपील को खारिज कर दिया है। इसी बीच अजरबैजान के राष्ट्रपति इलहाम अलीयेव ने जंग खत्म करने के लिए अर्मेनिया के सामने कुछ शर्तें रखी हैं। 

अजरबैजान के राष्ट्रपति इलहाम अलीयेव का कहना है कि अर्मेनिया की सेना ने उस इलाके पर कब्जा कर रखा है, जिसे वह 1990 के दशक में हार चुका है। अर्मेनिया पर जानबूझकर युद्ध भड़काने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि अगर अर्मेनियाई सेना तुरंत हमारे इलाके से पीछे हटती है, पूरी तरह से वापसी की समयसीमा बताती है और जो कुछ किया है उसके लिए माफी मांगती है तो वह युद्ध खत्म करने को तैयार हैं। 

बता दें कि पूर्व सोवियत संघ का हिस्सा रह चुके अर्मेनिया और अजरबैजान के बीच नागोर्नो-काराबाख क्षेत्र युद्ध की बड़ी वजह है। इस क्षेत्र के पहाड़ी इलाके को अजरबैजान अपना बताता है, जबकि यहां अर्मेनिया का कब्जा है। 1994 में खत्म हुई लड़ाई के बाद से इस इलाके पर अर्मेनिया का कब्जा है। 

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