शिक्षा ही ऐसा क्षेत्र है, जो व्यक्ति को सबसे ज्यादा सशक्त बनाता है। देश में शिक्षा के क्षेत्र में विद्या भारती का अतुलनीय योगदान है।
देश में शिक्षा के क्षेत्र में विद्या भारती का अतुलनीय योगदान: डीएम अभिषेक प्रकाश

Lucknow. शिक्षा ही ऐसा क्षेत्र है, जो व्यक्ति को सबसे ज्यादा सशक्त बनाता है। देश में शिक्षा के क्षेत्र में विद्या भारती का अतुलनीय योगदान है। विद्या भारती में छात्रों की शिक्षा को लेकर जो नींव तैयार की जाती है, वह हमेशा ही उनके ज्ञान, संस्कार और अनुशासन के रूप जीवनपर्यंत झलकती रहती है। उक्त बातें रविवार को जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने लखनऊ के निराला नगर स्थित सरस्वती कुंज में प्रोफेसर राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) उच्च तकनीकी (डिजिटल) सूचना संवाद केंद्र में शिक्षकों के पांच दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग के समापन समारोह के दौरान कहीं।

बतौर मुख्य अतिथि जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने कहा कि कोरोना काल में बहुत कुछ चीजें हम लोग प्रत्यक्ष रूप से नहीं कर पा रहे थे, लेकिन अब उन चीजों को हमने करना शुरू कर दिया है। पश्चिमी देशों में वर्चुअल वर्ल्ड का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि आप क्या जानते हैं, इससे ज्यादा महत्वपूर्ण है कि दूसरों तक आप क्या पहुंचा रहे हैं। हमारे पास ज्ञान का भंडार है, जिसे हम दूसरों तक वर्चुअल वर्ल्ड के जरिए पहुंचा सकते हैं। उन्होंने कहा कि जीवन में सीखने और ज्ञान अर्जित करने की कोई उम्र नहीं होती है। वर्तमान समय में वयस्कों में ज्ञान ही नहीं संस्कार की भी आवश्यकता महसूस की जा रही है, उन्हें भी प्रशिक्षण दिए जाने की जरूरत है।

केजीएमयू के ट्रामा सेंटर के सर्जरी विभाग के प्रमुख डॉ. संदीप तिवारी ने कहा कि बहुत ही खुशी की बात है कि विद्या भारती ने डिजिटल लर्निंग का यह तरीका निकाला है। उन्होंने कहा कि प्रो. रज्जू भैया तकनीकी प्रशिक्षण केन्द्र के प्रशिक्षणकर्ता बधाई के पात्र हैं, जिन्होंने यहां पर आए शिक्षकों को प्रशिक्षित किया। उन्होंने कहा कि बच्चों को सिखाना आसान है, लेकिन वयस्कों को सिखाना बेहद ही कठिन है। वयस्कों को प्रशिक्षित करते समय कई बड़ी बातों का ध्यान रखना पड़ता है, जिससे उनकी भावनाओं को ठेस न पहुंचे। उन्होंने कहा कि वर्चुअल लर्निंग के कई फायदे हैं, इससे शिक्षकों और छात्रों दोनों का व्यक्तिगत विकास भी होता है। उन्होंने शिक्षकों को सलाह देते हुए कहा कि छात्रों को जिस विषय में पढ़ाएं, उसके बारे में पूरी तरह अध्ययन करें और उन्हें उसका पूरा ज्ञान होना चाहिए, ताकि छात्र आसानी से समझ सके।

विद्या भारती के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री एवं कार्यक्रम अध्यक्ष यतीन्द्र जी ने कहा कि विद्या भारती का उद्देश्य ऐसी शिक्षा व्यवस्था का निर्माण करना है, जो लोगों में संवेदना, देश के प्रति कर्त्तव्य और बेहतर चरित्र निर्माण कर सके। इसलिए नए परिवेश को समझते हुए विद्यालय में अच्छा वातावरण बनाना है। उन्होंने कहा कि दुनिया कृत्रिम ज्ञान में आगे बढ़ रही है, इस क्षेत्र में हमें भी आगे बढ़ने की जरूरत है। ज्ञान और कौशल की दृष्टि से हम तेज हैं, लेकिन इसमें पारंगत होना है। उन्होंने कहा कि छात्रों को गुणवत्तापरक शिक्षा मुहैया कराएं। हमें ऐसी पीढ़ी का निर्माण करना है, जो आने वाली चुनौतियों का आसानी से सामना कर सके।

विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश के प्रचार प्रमुख सौरभ जी ने विद्या भारती एलएमएस (लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम) और विद्या प्रबोधन एप के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि एलएमएस एप के जरिए छात्रों को त्रिस्तरीय शिक्षा मुहैया कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि पहले स्तर पर स्टूडियो से, दूसरे स्तर पर स्कूल में और तीसरे स्तर पर विषय विशेषज्ञों से स्पेशल क्लासेज चलाए जा रहे हैं, जो छात्र के लिए काफी उपयोगी साबित होगा। सौरभ जी ने कहा कि रोजगारपरक शिक्षा के लिए छात्र दूसरे राज्यों और बड़े शहरों में पलायन न करें, इसलिए विद्या भारती ने विद्या प्रबोधन एप भी शुरू किया है। इस एप के जरिए छात्र घर बैठे रोजगारपरक शिक्षा ग्रहण कर सफलता हासिल कर सकते हैं। इस एप से आईआईएम और आईआईटी जैसे उच्च शैक्षणिक संस्थानों के अनुभवी शिक्षक जुड़े हुए हैं।

कार्यक्रम संचालन करते हुए दिनेश जी ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। इससे पहले अतिथियों को मास्क और अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर हेमचंद्र जी, डॉ. जय प्रताप जी, राजेन्द्र बाबू जी, उमाशंकर जी, डॉ. इंद्रपाल शर्मा, भास्कर दुबे जी, एसडीएम सरोजनीनगर सूर्यकांत त्रिपाठी, योगेश मिश्र जी, डॉ. पीके त्रिपाठी और शिक्षकगण सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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