अयोध्या विवाद में देश की सर्वोच्च अदालत की ओर से जमीन के मालिकाना हक के फैसले और अदालत के आदेश पर केंद्र सरकार की ओर से गठित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ने जन्मभूमि पर राम मंदिर निर्माण के लिए कवायद तेज कर दी है।
राम मंदिर ​निर्माण की कवायद तेज, ट्रस्ट ने नक्शा पास कराने के लिए प्राधिकरण को सौंपे दस्तावेज!

Lucknow. अयोध्या विवाद (Ayodya Dispute) में देश की सर्वोच्च अदालत (Supremecourt) की ओर से जमीन के मालिकाना हक के फैसले और अदालत के आदेश पर केंद्र सरकार (Central Government) की ओर से गठित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ने जन्मभूमि पर राम मंदिर (Ram Mandir) निर्माण के लिए कवायद तेज कर दी है। राम मंदिर निर्माण के लिए नक्शा पास कराने की कवायद के तहत ट्रस्ट ने अयोध्या फैजाबाद विकास प्राधिकरण को रामनामी अंगोछे में दस्तावेज सौंपा है। ट्रस्ट ने कहा कि प्राधिकरण को दस्तावेज मानकों पर परीक्षण और लेआउट पास कराने के लिए फीस निर्धारण के लिए सौंपा गया है।

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा (Dr. Anil Mishra) ट्रस्ट के सदस्य उत्तर प्रदेश सरकार के अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी के आफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी एके सिंह के साथ अयोध्या फैजाबाद विकास प्राधिकरण कार्यालय पहुंचे। विकास प्राधिकरण के कार्यवाहक उपाध्यक्ष अयोध्या नगर निगम (Ayodhya Nagar Nigam) के आयुक्त डॉ. नीरज शुक्ला (Niraj Shukla) को रामनामी अंगोछा में लपेट कर लाया गया मोटा दस्तावेज सौंपा है। बताया जाता है कि रामनामी अंगोछा में सौंपे गए इस दस्तावेज में प्रस्तावित नागर शैली में बनने वाले श्री राम मंदिर का नक्शा समेत अधिग्रहित पूरे 70 एकड़ क्षेत्र के प्रस्तावित विकास के लेआउट समेत पूरा ब्यौरा और अन्य पत्रावलियां हैं। 

लेआउट से संबंधित अन्य दस्तावेज भी विकास प्राधिकरण को सौंपे गए हैं। मामले की भनक पर पहुंचे मीडिया कर्मियों ने प्रकरण को लेकर ट्रस्ट और विकास प्राधिकरण प्रशासन से जानकारी चाही, लेकिन सभी अधिकृत रूप से कुछ भी कहने से बचते रहे। हालांकि ट्रस्ट महासचिव चंपत राय (Champat Rai) ने प्राधिकरण को दस्तावेजों के जाने की फोटो जारी की है।

कई दिनों से चल रही थी कवायद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के हाथों 5 अगस्त को राम मंदिर निर्माण के लिए भूमिपूजन संपन्न होने के बाद से ही श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट निर्माण की कवायद को आगे बढ़ाने में जुटा हुआ है। 20 अगस्त को दिल्ली में आयोजित निर्माण समिति की बैठक में मंदिर के अलावा पूरे 70 एकड़ क्षेत्र को विकसित करने के लिए बनाई गई कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा हुई थी और प्रस्तावित विकास कार्यक्रमों को अंतिम रूप दिया गया था। मंदिर निर्माण और औपचारिक रूप से परिसर में निर्माण कार्य को जमीनी धरातल पर लाने के लिए ट्रस्ट की ओर से विकास प्राधिकरण से नक्शा पास कराने की कवायद शुरू कराई गई है। 

तकनीकी सलाहकार संस्था लार्सन एंड टूब्रो की तकनीकी टीम के अलावा लेआउट को फाइनल करने और अन्य कार्यों के लिए सीबीआरआई रुड़की के साथ आईआईटी मद्रास के विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है। कवायद के तहत श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट अग्निशमन और उड्डयन विभाग से स्थाई अनापत्ति प्रमाण पत्र हासिल कर चुका है और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण से अनापत्ति हासिल करने के लिए पुराने पुराविदो और जानकारों से मंत्रणा का दौर जारी है।

निर्माण कार्य को गति देने के लिए पहुंच रहे कर्मचारी

प्रस्तावित श्री राम मंदिर (Ram Mandir) के पास ही ऐतिहासिक और पुरातात्विक कुबेर टीला है, जो पुरातत्व विभाग की सूची में सामान्य की श्रेणी में सूचीबद्ध है। नियम कायदे के मुताबिक, बिना अनुमति पुरातात्विक महत्त्व के भवन या इमारत के इर्द-गिर्द 100 मीटर के दायरे में स्थाई निर्माण नहीं कराया जा सकता। उधर, निर्माण कार्यों को गति देने के लिए कार्यदाई संस्था लार्सन एंड टूब्रो के कर्मचारियों के रुकने के लिए अस्थाई हट परिसर पहुंचने शुरू हो गए हैं। निर्माण कार्य के मद्देनजर मशीनों की सहूलियत के लिए परिसर स्थित ऐतिहासिक सीता रसोई के जर्जर हिस्से को बुलडोजर से ठहाया गया है और इसका मलबा खाई को पाटने के लिए राम जन्मभूमि दुराही कुआं संपर्क मार्ग पर डाला गया है।

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्र ने बताया कि मंदिर निर्माण और परिसर के विकास के लिए नक्शा पास कराने की तैयारी है। प्रस्तावित लेआउट को मानकों पर परीक्षण और नक्शा पास कराने के लिए फीस निर्धारण के लिए दस्तावेज अयोध्या फैजाबाद विकास प्राधिकरण को सौंपा गया है। ऑफलाइन दस्तावेज सौंपने के लिए ट्रस्ट ने सरकार से विशेष अनुमति हासिल की है।

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