सीबीआई की विशेष अदालत ने छह दिसम्बर 1992 को अयोध्या में बाबरी मस्जिद ढहाए जाने के मामले में फैसला सुनाते हुए सभी आरोपियों को बरी कर दिया।
आरएसएस ने बाबरी विध्वंस मामले में सीबीआई अदालत के फैसले का किया स्वागत, कही ये बात

New Delhi. सीबीआई की विशेष अदालत ने छह दिसम्बर 1992 को अयोध्या में बाबरी मस्जिद ढहाए जाने के मामले में फैसला सुनाते हुए सभी आरोपियों को बरी कर दिया। इस फैसले पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) ने भी खुशी जताई है। सोशल मीडिया ट्विटर पर प्रतिक्रिया देते हुए आरएसएस के सरकार्यवाह सुरेश भैयाजी जोशी ने कहा कि सीबीआई की विशेष अदालत द्वारा विवादास्पद ढांचे के विध्वंस मामले में आरोपित सभी दोषियों को ससम्मान बरी करने के निर्णय का राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ स्वागत करता है।

सीबीआई की विशेष अदालत के न्यायाधीश एस.के. यादव ने फैसला सुनाते हुए कहा कि बाबरी मस्जिद विध्वंस की घटना पूर्व नियोजित नहीं थी। यह एक आकस्मिक घटना थी। उन्होंने कहा कि आरोपियों के खिलाफ कोई पुख्ता सुबूत नहीं मिले है, बल्कि आरोपियों ने उन्मादी भीड़ को रोकने की कोशिश की थी। 

विशेष अदालत के न्यायाधीश ने 16 सितंबर को इस मामले के सभी 32 आरोपियों को फैसले के दिन अदालत में मौजूद रहने को कहा था। हालांकि वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, पूर्व केंद्रीय मंत्री मुरली मनोहर जोशी और उमा भारती, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह, राम जन्मभूमि न्यास अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास और सतीश प्रधानअलग-अलग कारणों से न्यायालय में हाजिर नहीं हो सके।

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