1 से 27 मई तक 3700 श्रमिक ट्रेन चलाई गई - केन्द्र
रोजाना 1.85 लाख श्रमिकों को पहुंचाया जा रहा है - केन्द्र
1-27 मई के बीच 91 लाख प्रवासियों को भेजा गया। अब 3.36 लाख प्रवासियों को रोजाना भेजा जा रहा है - केन्द्र
सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार - 1 मई से 27 मई तक 91 लाख प्रवासी ट्रेन व सड़क से भेजे गये

New Delhi. सुप्रीम कोर्ट (Supremecourt) ने कोरोनावायरस (Covid 19) के प्रकोप के बीच लॉकडाउन (Lockdown) के दौरान प्रवासी मजदूरों (Migrant Workers) की बदहाली पर गुरुवार को सुनवाई की। यह सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (Video Confrensing) के जरिए जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस एम आर शाह की बेंच ने की। इस दौरान केंद्र की ओऱ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता पेश हुए। जबकि इस दौरान कपिल सिब्बल, कॉलिन गोंजाल्विस और इंदिरा जयसिंह भी मौजूद थे।

इमेज - वेबसाइट सुप्रीम कोर्ट

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) की ओर से केंद्र सरकार (Central Government) को नोटिस जारी किया गया है, जिस पर वकील कॉलिन गोंजाल्विस का कहना था कि हमने भी याचिका लगाई है। हमारा प्रवासी मजदूरों का संगठन है। वहीं वकील इंदिरा जयसिंह (Indira Jaysingh) ने कहा कि मामला अर्जेंट है, इसलिए आज ही सुनवाई कर आदेश जारी किया जाए। इस पर सुप्रीम कोर्ट (Supremecourt) ने कहा कि हम आदेश जारी करेंगे। पहले केंद्र को सुनेंगे। 

फोटो- अतहर रजा न्यूजटाइम्स

राज्यों से लोगों को ज्यादा लाभ नहीं मिल रहा

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता (Tushar Mehta) ने कहा कि कुछ घटनाएं हुई हैं जिन्हें बार-बार दिखाया जा रहा है। लेकिन केंद्र औऱ राज्य सरकार इस पर काम कर रही हैं। सुप्रीम कोर्ट (Supremecourt) ने कहा कि इसमें कोई शक नहीं है कि केंद्र काम कर रहा है, लेकिन राज्यों से लोगों को ज्यादा लाभ नहीं मिल रहा। 

इसके जवाब में केंद्र की ओर से बताया गया कि 1 से 27 मई तक 3700 श्रमिक ट्रेन चलाई गयी है। इसमें रोजाना 1.85 श्रमिकों को पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि सरकार ने मजदूरों के लिए सैकड़ों ट्रेन चलाई हैं और उनके खाने-पीने के लिए बजट बनाकर राशि भी मुहैया करवाई है। 

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बिचौलियों ने भ्रम का पूरा फायदा उठाया

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट (Supremecourt) ने कहा कि इसमें कोई स्पष्टता नहीं थी कि प्रवासी श्रमिकों का किराया कौन देगा। बिचौलियों ने इस भ्रम का पूरा फायदा उठाया। इस पर केंद्र ने कहा कि कुछ भेजने वाले राज्यों ने दिया और कुछ जहां पहुंचे उन्होंने दिया। कुछ राज्य अभी भी दे रहे हैं। रेलवे ने सभी को मुफ्त खाना पानी उपलब्ध करवाया है। 

आपको बता दें कि गुरुवार को प्रवासी मजदूरों की मसले पर सुनवाई के दौरान अब तक की स्थिति को रखा गया। इसी के साथ बताया गया कि अभी तक 91 लाख श्रमिकों को घर पहुंचाया गया है। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कपिल सिब्बल से पूछा कि आपने इस संकट में क्या मदद की? जिस पर उन्होंने जवाब दिया। 

फोटो - अतहर रजा न्यूजटाइम्स

बता दें कि जब सुनवाई के दौरान कपिल सिब्बल बोलने के लिए खड़े हुए तो सॉलिसिटर जनरल ने उसका विरोध जताया। जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि इस जगह को राजनीतिक फोरम न बनने दें। कपिल सिब्बल (Kapil Sibbal) ने बताया कि ये मानवीय त्रासदी है। सुप्रीम कोर्ट (Supremecourt) ने सवाल कि कि इस त्रासदी में आपने क्या सहयोग किया? जिस पर सिब्बल ने बताया कि चार करोड़। यही मेरा सहयोग है। 

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