सिक्यॉरिटी रिसर्चर्स ने स्मार्टफोन्स में एक बड़ी खामी का पता लगाया है। इस खामी के चलते ब्लूटूथ इस्तेमाल करने वालो करोड़ो यूजर्स के डेटा पर बड़ा खतरा मंडराने लगा है। रिसर्चर्स ने बताया कि उन्होंने ब्लूटूथ सपॉर्ट करने वाले सभी डिवाइसेज के ब्लूटूथ वायरलेस प्रोटोकॉल में नई गड़बड़ी पाई है। इस अटैक के जरिए हैकर्स यूजर के फोन में मौजूद डेटा को चुरा सकते हैं।
Bluetooth से हो रहा हैकिंग का 'खेल', करोड़ों स्मार्टफोन यूजर के डेटा पर खतरा

BIAS अटैक ने बढ़ाई टेंशन

स्मार्टफोन्स में आई खामी को BIAS (Bluetooth Impersonation Attacks) नाम दिया गया है। टेक रेडार के रिपोर्ट के अनुसार यह गड़बड़ी ब्लूटूथ प्रोटोकॉल के क्लासिक वर्जन को प्रभावित करती है। कम पावर वाले डिवाइसेज डेटा ट्रांसफर के लिए जिस प्रोटोकॉल का इस्तेमाल करते हैं उसे ब्लूटूथ क्लासिक कहा जाता है।

खतरे में बड़ी कंपनियों के डिवाइस

रिसर्चर्स ने इस अटैक को कई पॉप्युलर टेक कंपनियों के डिवाइसेज पर टेस्ट किया। इसमें ऐपल, सैमसंग, गूगल, नोकिया, एलजी और मोटोरोला के स्मार्टफोन्स भी शामिल थे। स्मार्टफोन्स के अलावा BIAS अटैक HP, Lenovo और Apple Macbook को भी नुकसान पहुंचा सकता है। इतना ही नहीं, आईपैड्स के साथ ही फिलिप्स और सेनहाइजर के ब्लूटूथ हेडफोन्स पर भी इसका बराबर खतरा है।

31 ब्लूटूथ डिवाइस पर हुई टेस्टिंग

रिसर्चर्स ने BIAS अटैक को ऐपल, क्वालकॉम, इंटेल, Cypress, ब्रॉडकॉम और दूसरी कंपनियों से लिए गए 28 यूनिक ब्लूटूथ चिप्स को 31 ब्लूटूथ डिवाइस पर चेक किया। इस टेस्टिंग में रिसर्चर्स ने पाया कि सभी डिवाइसेज पर BIAS अटैक का खतरा है।

पेयर्ड ब्लूटूथ डिवाइसेज पर अटैक
स्मार्टफोन्स का बग कैसे काम करता है यह समझाते हुए रिसर्चर्स ने कहा कि यह पेयर्ड ब्लूटूथ डिवाइसेज पर अटैक करता है। कोई भी हैकर किसी भी स्मार्टफोन के साथ पेयर्ड हुए पिछले डिवाइज की पहचान कर सकते हैं और उसे आसानी से ऑथेंटिकेट भी कर सकते हैं।

पेयरिंग कोड की नहीं पड़ती जरूरत

इसमें चिंता वाली बात यह है कि डिवाइस को पेयर करने के लिए हैकर्स को प्राइमरी डिवाइस के लंबे पेयरिंग कोड की भी जरूरत नहीं पड़ती। BIAS अटैक की मदद से हैकर दूसरे ब्लूटूथ क्लासिक डिवाइसेज को भी पूरी तरह कंट्रोल कर सकते हैं।

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