दक्षिण भारत के राज्य केरल (Kerala state of South India) में ओणम (Onam) को सबसे मुख्य त्योहार (Main Festival) माना जाता है।
ओणम 2020: जानें इस त्योहार की खासियत और महत्वपूर्ण बातें

Kerala. दक्षिण भारत के राज्य केरल (Kerala state of South India) में ओणम (Onam) को सबसे मुख्य त्योहार (Main Festival) माना जाता है। यह त्योहार 10 दिनों तक चलता है, लेकिन इसका आखिरी दिन बेहद ही ख़ास माना जाता है। इस आखिरी दिन को थिरुवोणम (Thiruvonam) कहते हैं। 

दरअसल, मलयालम कैलेंडर (Malayalam calendar) के मुताबिक जब चिंगम माह (Chingam Month) में श्रावण नक्षत्र (Shravan Nakshatra) प्रबल होता है, तब थिरू ओणम (Thiru Onam) की पूजा होती है। इस बार यह पर्व शुक्रवार, 21 अगस्त से शुरू हो चुका है और आज यानी 31 अगस्त को इसका आखिरी दिन है।

ओणम त्योहार (Onam festival) की कथा विष्णु जी के वामन अवतार (Vamana avatar of Vishnu ji) से जुड़ी हुई है। मान्यता यह है कि साल में एक बार पाताल लोक (Patal Lok) से राजा बलि (Raja Bali) अपनी प्रजा से मिलने धरती लोक (Prithvi Lok) पर आते हैं। इस दिन वामन अवतार और राजा बलि की पूजा के साथ उनका भव्य स्वागत किया जाता है।

इसकी खुशी में यह त्योहार बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। साथ इस त्योहार का खेती के साथ भी काफ़ी गहरा नाता है। इस दिन को किसान (Farmers) नई फसल ( New crop) उगने की खुशी भी मनाते हैं।

10 दिनों तक चलता है त्योहार

ओणम त्योहार (Onam Festival) में 10 दिनों तक अलग-अलग तरह के भगवान की पूजा-अर्चना की जाती है। जो इस प्रकार हैं-

  • एथम
  • चिथिरा
  • चोधी
  • विसाकम
  • अनिजाम
  • थ्रिकेता
  • मूलम
  • पूरादम
  • उथि रादम
  • थिरुवोणम

नववर्ष का शुभारंभ

मलयालम कैलेंडर (Malayalam Calendar) के अनुसार, यह महोत्सव (festival) पहले महीने में होता है। ओणम (Onam) मलयाली हिन्दू धर्म (Malayali Hindu Religion) के लोगों के लिए यह नव वर्ष (New Year) का अराम्भ भी होता है। यह महोत्सव केरल के त्रिक्काकरा वामन मंदिर (Trikkara Vamana Temple) से शुरू होता है। इस महोत्सव में साध्या थाली (Sadhya Thali) बनाने की परंपरा है। इसमें 26 तरह के शाकाहारी व्यंजन बनाए जाते हैं। इन्हें केले के पत्तों पर परोसा जाता है।

पूरी स्टोरी पढ़िए